रायपुर : राजधानी रायपुर के नागरिकों को नगर निगम के नए फैसले से अतिरिक्त आर्थिक भार झेलना पड़ेगा। नगर निगम ने संपत्तिकर के साथ वसूले जाने वाले यूजर चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब आवासीय और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं को पहले से अधिक भुगतान करना होगा।
आवासीय और व्यावसायिक दोनों पर बढ़ा शुल्क
नगर निगम के निर्णय के अनुसार अब आवासीय संपत्तियों पर सालाना 120 रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे, जबकि व्यावसायिक यानी कमर्शियल संपत्तियों पर यह बढ़ोतरी 360 रुपये प्रति वर्ष तय की गई है।यह अतिरिक्त राशि अब संपत्तिकर के साथ ही वसूली जाएगी। निगम प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर में सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और अन्य नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नगर निगम का तर्क: सेवाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर की बढ़ती आबादी और सफाई व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को देखते हुए यूजर चार्ज में संशोधन किया गया है। उनका कहना है कि बेहतर नागरिक सुविधाओं के लिए संसाधनों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस का तीखा विरोध, जनता पर बोझ का आरोप
नगर निगम के इस फैसले का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि बिना बुनियादी सेवाओं में सुधार किए शुल्क बढ़ाना जनता के साथ अन्याय है।उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नहीं है, फिर भी लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

‘स्वच्छता से ज्यादा प्रचार पर खर्च’ का आरोप
आकाश तिवारी ने यह भी दावा किया कि 70 वार्डों में वास्तविक स्वच्छता सुधार की बजाय केवल दीवारों पर पेंटिंग और प्रचार कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।उन्होंने महापौर और नगर निगम परिषद से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।



















