बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में निकाली गई प्रतीकात्मक शव यात्रा अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गई है। थाना चंदनू क्षेत्र के ग्राम झिरिया में आयोजित इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।यह कार्रवाई जिला पंचायत सदस्य अंजू उर्फ अंजय बघेल की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।
बाजार चौक में जुटी भीड़, कई नेताओं पर गंभीर आरोप
शिकायत के मुताबिक 9 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक ग्राम झिरिया बाजार चौक में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। आरोप है कि इस कार्यक्रम में विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक गुरूदयाल सिंह बंजारे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।एफआईआर में आरिफ बाठिया, प्रांजल तिवारी, सनतधर दीवान, शक्तिधर दीवान, सतीश मारकण्डे, अंजली मारकण्डे, देवेंद्र साहू, अरमान साहू, हर्ष बघेल, प्रिंस डेहरे, विजय यादव, दीपक दिनकर, विनोद तिवारी, मोंटू तिवारी और अजयराज सेन समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
मंत्री को मृत बताकर निकाली गई प्रतीकात्मक शव यात्रा
आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल को प्रतीकात्मक रूप से मृत घोषित किया गया। इसके लिए शोक पत्र तक छपवाए गए और मंच से संबोधन भी किए गए।इसके बाद बांस से पुतला तैयार कर मुख्य सड़क पर शव यात्रा निकाली गई। शिकायत में कहा गया है कि इस वजह से सड़क पर जाम की स्थिति बन गई और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
मंत्री के बेटे ने कहा- परिवार की भावनाएं आहत हुईं
शिकायतकर्ता अंजू बघेल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हैं, इसके बावजूद इस तरह की शव यात्रा निकालना परिवार और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई मंत्री की सामाजिक और राजनीतिक छवि खराब करने की मंशा से की गई।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS 2023 की धारा 126, 299, 356 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है और सभी नामजद लोगों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल की जा रही है।



















