‘समधी भेंट’ की तस्वीर ने बटोरी सुर्खियां, सीएम साय और अजय चंद्राकर के आत्मीय संवाद की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गलियारों में रविवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चंद्राकर के बीच हुई आत्मीय मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई। धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाअधिवेशन के दौरान दोनों नेताओं की एक तस्वीर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

समाजजनों के आग्रह पर मंच पर साथ आए दोनों नेता

केंद्रीय महाअधिवेशन में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अजय चंद्राकर से एक साथ तस्वीर खिंचवाने का अनुरोध किया। समाजजनों की इच्छा का सम्मान करते हुए दोनों नेता मंच पर साथ आए और तस्वीर खिंचवाई।

बाद में इस तस्वीर को अजय चंद्राकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जिसके बाद यह पोस्ट तेजी से चर्चा में आ गई।

अजय चंद्राकर ने लिखा- मुख्यमंत्री के प्रति मन में है गहरा सम्मान

तस्वीर साझा करते हुए अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति अपने सम्मान और आत्मीय संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि वे मुख्यमंत्री को स्नेहपूर्वक ‘समधी जी’ कहकर संबोधित करते हैं और उनके प्रति उनके मन में विशेष आदर का भाव है।

उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि ग्राम छाती में आयोजित महाअधिवेशन के दौरान समाजजनों ने इसी आत्मीय रिश्ते को देखते हुए दोनों की एक साथ तस्वीर लेने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने भी अपनी सहजता और सरल स्वभाव के अनुरूप इस क्षण को यादगार बना दिया।

सीएम साय ने भी दिया आत्मीय जवाब

अजय चंद्राकर की पोस्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अजय चंद्राकर का यह स्नेहपूर्ण संबोधन हमेशा उन्हें आत्मीयता से भर देता है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि ग्राम छाती में समाज के लोगों के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक विशेष और यादगार पल है। उन्होंने अजय चंद्राकर के मिलनसार व्यक्तित्व, सहज व्यवहार और समाज के लोगों के साथ उनके मजबूत जुड़ाव की सराहना की।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आपसी सम्मान का दिया संदेश

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी पारिवारिक संस्कृति, अपनत्व और परस्पर सम्मान की भावना से होती है। यही सामाजिक मूल्य प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़कर रखते हैं।

उन्होंने समाजजनों के स्नेह और अजय चंद्राकर के आत्मीय व्यवहार के लिए आभार जताते हुए भविष्य में भी इसी तरह का प्रेम और सहयोग मिलता रहने की कामना की।

राजनीति से आगे बढ़कर रिश्तों की झलक बनी चर्चा का विषय

राजनीतिक कार्यक्रमों में अक्सर औपचारिक मुलाकातें देखने को मिलती हैं, लेकिन ग्राम छाती में सामने आया यह आत्मीय संवाद लोगों को अलग संदेश देता नजर आया। ‘समधी भेंट’ को लेकर दोनों नेताओं के बीच हुआ स्नेहपूर्ण आदान-प्रदान सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है और लोग इसे छत्तीसगढ़ की सामाजिक संस्कृति तथा मानवीय रिश्तों की खूबसूरत मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

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