रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी अब उन्हें विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी में है, जहां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के लिए पूछताछ रिमांड की मांग की जा सकती है।
ED की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इससे जुड़े अन्य आर्थिक पहलू भी सामने आते हैं।
2020 से 2022 की भर्ती प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
CGPSC घोटाले का मामला साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित परीक्षाओं से जुड़ा है। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई महत्वपूर्ण पदों के लिए हुई भर्ती प्रक्रिया में कुछ चयनित अभ्यर्थियों को लेकर सवाल उठे थे।
आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन पदाधिकारियों के करीबी रिश्तेदारों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अभ्यर्थियों के चयन में गड़बड़ी हुई। इन्हीं आरोपों के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
CBI भी कर चुकी है बड़ी गिरफ्तारियां
CGPSC मामले में CBI ने 9 जुलाई 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं के आधार पर की गई थी।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रिया में तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों ने अपने पुत्र, पुत्रियों तथा रिश्तेदारों के चयन में कथित रूप से भूमिका निभाई।
CBI इस मामले में CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
एक भर्ती प्रक्रिया में लाखों उम्मीदवार हुए थे शामिल
साल 2021 की CGPSC भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। प्रारंभिक परीक्षा में करीब 1,29,206 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से 2,548 अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए हुआ।
इसके बाद 509 उम्मीदवार साक्षात्कार चरण तक पहुंचे और अंतिम रूप से 170 अभ्यर्थियों को विभिन्न पदों पर नियुक्ति मिली थी।
जांच में आगे और खुलासे की संभावना
ED की कार्रवाई के बाद अब मामले में वित्तीय लेनदेन और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से किसी तरह का आर्थिक लाभ पहुंचाया गया या नहीं।
CGPSC घोटाला छत्तीसगढ़ की सबसे चर्चित भर्ती अनियमितताओं में शामिल रहा है और आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।



















