हरि शेवा उदासीन आश्रम में शरद पूर्णिमा पर गुरुकुल का शुभारंभ आज 25 अक्टूबर को

-सनातन धर्म, वेद, संस्कृत और ज्योतिष की शिक्षा पर रहेगा विशेष जोर

-महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन के संरक्षण में होगा संचालन

भीलवाड़ा। सनातन संस्कृति के संरक्षण और युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की दिशा में भीलवाड़ा स्थित हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 25 अक्टूबर 2026, रविवार को ‘गुरुकुल’ का शुभारंभ किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन धर्म, वेद, संस्कृत, ज्योतिष एवं भारतीय संस्कृति के ज्ञान से परिचित कराना है। गुरुकुल का शुभारंभ रविवार दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित समय में संचालित होने वाली शिक्षण व्यवस्था के साथ किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को वेदों का अध्ययन, संस्कृत व्याकरण, ज्योतिष शास्त्र तथा सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति की शिक्षा प्रदान की जाएगी।
गुरुकुल का संचालन हरि शेवा धर्मशाला, महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के संरक्षण में होगा। पंडित रोशन शास्त्री जी मुख्य आचार्य तथा शंभूलाल शर्मा जी सामवेदाचार्य के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। स्वामी जी के अनुसार, यह गुरुकुल भारतीय परंपराओं, संस्कारों और वैदिक ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

गुरुकुल की प्रमुख विशेषताएं

गुरुकुल में सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति, वेदों का अध्ययन, संस्कृत व्याकरण और ज्योतिष शास्त्र की शिक्षा दी जाएगी। यह गुरुकुल आवासीय नहीं होगा। विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक वेशभूषा में आना अनिवार्य रहेगा। नई पीढ़ी से इस ज्ञान परंपरा से जुड़ने और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

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