त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले सोने के बाजार में तेजी ने खरीदारों का ध्यान खींच लिया है। जन्माष्टमी के करीब आते ही सोने के भाव बढ़ने से उन लोगों की चिंता बढ़ गई है, जो शुभ अवसर पर गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल और घरेलू मांग में बढ़ोतरी को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।भारतीय परिवारों में सोने का महत्व केवल आभूषण तक सीमित नहीं है। इसे निवेश और शुभ अवसरों का अहम हिस्सा भी माना जाता है। जन्माष्टमी के बाद नवरात्रि, धनतेरस, दिवाली और शादी के सीजन के कारण बाजार में सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
दिल्ली समेत बड़े बाजारों में दिखी तेजी
ताजा बाजार रुझानों के अनुसार 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में भी सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, ज्वेलरी की अंतिम कीमत स्थानीय बाजार, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के बाजारों में भी हलचल
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। अलग-अलग शहरों में स्थानीय बाजार के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।वहीं बिहार में भी जन्माष्टमी से पहले सोने की खरीदारी को लेकर बाजारों में हलचल बढ़ी हुई है। पटना समेत कई शहरों में गहनों की खरीदारी के लिए ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है। कीमतों में तेजी के बावजूद त्योहारों के दौरान सोना खरीदने की परंपरा के कारण मांग प्रभावित नहीं होती।
सोने के भाव बढ़ने की 3 बड़ी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
भारत में सोने की कीमतें वैश्विक बाजार की गतिविधियों से काफी प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना महंगा होने पर इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है।
त्योहारी मांग बढ़ने की उम्मीद
जन्माष्टमी के बाद कई बड़े त्योहार आने वाले हैं। धनतेरस और दिवाली जैसे अवसरों पर सोने और गहनों की खरीदारी बढ़ती है, जिससे बाजार में मांग मजबूत हो सकती है।
निवेशकों का बढ़ता रुझान
आर्थिक अनिश्चितता के दौरान सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है। ऐसे समय में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
गहने खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोने के गहने खरीदते समय केवल कीमत पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। खरीदारों को हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूर करनी चाहिए। इसके साथ ही अलग-अलग



















