अंबिकापुर : शिक्षा विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा पर नियमों की अनदेखी और कर्मचारियों को लंबे समय तक अटैच रखने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में सूरजपुर जिले में पदस्थ एक व्याख्याता को सरगुजा का कर्मचारी बताकर समग्र शिक्षा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का दावा किया गया है। इसके अलावा कई शिक्षकों को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दिए जाने और नियमों के विपरीत अटैचमेंट जारी रखने के आरोप भी लगाए गए हैं।
सूरजपुर में पदस्थ व्याख्याता को सरगुजा में जिम्मेदारी देने का आरोप
पूरा मामला सूरजपुर जिले के सोनगरा स्कूल में पदस्थ व्याख्याता संतोष साहू से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता परवेज आलम का आरोप है कि संतोष साहू की मूल पदस्थापना सूरजपुर जिले में है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरगुजा जिले का कर्मचारी बताकर समग्र शिक्षा में APC यानी असिस्टेंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई।
शिकायत में कहा गया है कि मूल पदस्थापना वाले जिले में वापस भेजने के बजाय संतोष साहू को सरगुजा में ही अटैच रखा गया है। शिकायतकर्ता ने इस व्यवस्था को लेकर विभागीय नियमों और शासन के निर्देशों पर सवाल उठाए हैं।
कई शिक्षकों और कर्मचारियों के अटैचमेंट पर भी सवाल
शिकायत केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों को भी नियमों के विपरीत अटैच रखने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही कुछ शिक्षकों को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी बनाए जाने के तरीके को लेकर भी आपत्ति जताई गई है।शिकायतकर्ता का कहना है कि जब शासन स्तर से लंबे समय से चल रही अटैचमेंट व्यवस्था को समाप्त करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, तब सरगुजा जिले में इस तरह की व्यवस्था जारी रहने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अटैचमेंट खत्म कर मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग
मामले में शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। साथ ही नियमों के विपरीत किए गए अटैचमेंट को समाप्त कर संबंधित कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना वाले स्थान पर वापस भेजने की मांग रखी गई है।अब विभाग के सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि संबंधित कर्मचारियों को किस आधार पर अटैच किया गया और उन्हें जिम्मेदारियां देने की प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
DEO दिनेश कुमार झा का पक्ष भी सामने आया
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा का पक्ष भी सामने आया है। हालांकि, फिलहाल पूरा प्रकरण शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और विभाग की ओर से दिए गए जवाब के बीच है। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच हुई तो सामने आएगी अटैचमेंट की पूरी तस्वीर
अब निगाह इस बात पर है कि शिकायत के आधार पर विभागीय जांच शुरू होती है या नहीं। जांच होने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरगुजा शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के अटैचमेंट और जिम्मेदारियां देने में निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी सामने आएगा कि शासन के अटैचमेंट समाप्त करने संबंधी निर्देशों को जिले में किस तरह लागू किया गया है।



















