रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बेंगलुरु दौरा पूरा कर शनिवार को रायपुर लौट आए। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे सत्य साईं ट्रस्ट के सद्गुरु मधुसूदन साईं के 47वें जन्मोत्सव समारोह में शामिल होने गए थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य साईं ट्रस्ट छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। ट्रस्ट की ओर से संचालित अस्पताल में 15 वर्ष तक के बच्चों के हृदय रोगों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में ट्रस्ट प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए और अस्पताल स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।
बिजली बिल समाधान योजना पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबित रहने और बढ़ते सरचार्ज की शिकायतें मिल रही थीं। विशेषकर कोरोना काल के दौरान कई परिवार नियमित भुगतान नहीं कर सके, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती गई।इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बिजली बिल समाधान योजना शुरू की, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और पुराने बकाया का समाधान हो सके।
42 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल अधिक हो गए हैं, वे संबंधित बिजली कार्यालय में पंजीयन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। अब तक 42 हजार से अधिक उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
700 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज होगा माफ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि योजना के तहत सरकार 700 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली सरचार्ज माफ कर रही है। इससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित बिजली बिलों का बोझ कम होगा।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को राहत देना, बकाया बिलों का समाधान करना और लोगों को बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के नियमित बिजली भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है।
राहत योजना से बढ़ेगी उपभोक्ताओं की सुविधा
राज्य सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा, जिनके बिल सरचार्ज के कारण काफी बढ़ गए थे। योजना के जरिए बकाया राशि का निपटारा आसान होगा और उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत भी मिलेगी।



















