बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की एक बच्ची आज भी अपने अनोखे नाम की वजह से चर्चा में रहती है। इस नौ वर्षीय बालिका का नाम GST है। संभवत: यह देश की इकलौती बच्ची है, जिसका नाम देश की कर व्यवस्था से प्रेरित होकर रखा गया। परिवार ने यह नाम एक खास दिन की याद को हमेशा के लिए संजोने के उद्देश्य से दिया था।
GST लागू होने के दिन हुआ था जन्म
1 जुलाई 2017 को पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू हुआ था। इसी दिन बैकुंठपुर जिला अस्पताल में सोनवानी परिवार के घर बेटी का जन्म हुआ। उस समय देशभर में GST को लेकर व्यापक चर्चा चल रही थी। ऐसे में परिवार ने इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए नवजात का नाम ही GST रख दिया।
अब चौथी कक्षा में पढ़ रही है बच्ची
अब यह बच्ची नौ वर्ष की हो चुकी है और शासकीय प्राथमिक शाला परचा बस्ती में कक्षा चौथी की छात्रा है। स्कूल में शिक्षक और साथी छात्र भी उसे GST नाम से ही बुलाते हैं। भले ही छोटे बच्चों को GST का अर्थ पूरी तरह समझ में न आता हो, लेकिन उसका नाम सुनते ही बड़े लोग आज भी मुस्कुरा देते हैं।
गांव में अलग पहचान बना चुका है नाम
GST का परिवार बैकुंठपुर जनपद पंचायत के ग्राम परचा बस्ती, हरिजनपारा वार्ड क्रमांक-3 में रहता है। पिता जगदीश प्रसाद सोनवानी और माता सरोजनी सोनवानी बताते हैं कि नामकरण के समय यह बच्ची काफी चर्चा में रही थी। अस्पताल से लेकर गांव तक लोग सिर्फ उसका नाम सुनने और देखने पहुंचते थे। आज भी गांव में उसकी पहचान उसके अनोखे नाम से ही है।
क्या है GST?
GST यानी वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) भारत की एकीकृत अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है, जिसे 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया। इसका उद्देश्य वैट, एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स जैसे कई अलग-अलग करों को एक प्रणाली में शामिल कर टैक्स व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाना था। यह गंतव्य आधारित कर प्रणाली है, जिसमें कर का लाभ उस राज्य को मिलता है जहां वस्तु या सेवा का अंतिम उपभोग होता है। इससे टैक्स पर टैक्स लगने की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हुई है।



















