–जिले में 26,500 से अधिक श्रमिकों के जीवन में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के जरिये आया आर्थिक-सामाजिक बदलाव, ₹59.19 करोड़ की सीधी सहायता राशि हस्तांतरित
-नारी, युवा और श्रमवीर हो रहे सशक्त- ई-रिक्शा, छात्रवृत्ति और पेंशन सेवाओं से स्वावलंबी बन रहा दुर्ग जिले का हर तबका
-जिले की महिला श्रमिकों के जीवन में ‘महतारी जतन’ और ‘नोनी सशक्तिकरण’ जैसी योजनाओं से आई स्वावलंबन की नई क्रांति
दुर्ग, छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम विभाग (कार्यालय सहायक श्रमआयुक्त, जिला-दुर्ग) द्वारा पंजीकृत श्रमिकों और असंगठित कामगारों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दुर्ग जिले में विगत ढाई वर्षों में विभिन्न श्रेणियों के कुल 26,551 पात्र श्रमिकों को 59 करोड़ 19 लाख रूपये से अधिक की सहायता राशि वितरित कर सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से कामगारों को संकट के समय संबल मिल रहा है, साथ ही उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा, स्वरोजगार और सुरक्षित भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए विविध वित्तीय योजनाएं संचालित हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कम से कम 3 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत अधिकतम ₹1,50,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे 64 लाभार्थियों को लाभ मिला है। प्रसूति एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिनीमाता महतारी जतन योजना में न्यूनतम 1 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को ₹20,000 दिए जाने का प्रावधान है, जिसके तहत 8,979 महिला श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। वहीं पंजीकृत श्रमिकों को पक्का मकान बनाने के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत स्वयं के भूखंड पर दो किस्तों (स्वीकृति पर ₹75,000 और निर्माण पूर्ण होने पर ₹75,000) में कुल ₹1,50,000 का अनुदान दिया जाता है, जिससे 71 श्रमिक लाभान्वित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ निर्माण श्रमिकों को वृद्धावस्था में सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 22 लाभार्थियों को शामिल कर मासिक पेंशन दी जा रही है। निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर ₹1,00,000, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5,00,000 तथा दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर ₹2,50,000 की वित्तीय सहायता देने हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 408 आश्रितों को लाभ प्रदान किया गया है। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए भी दूरगामी कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के माध्यम से 1,455 छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ़्त कोचिंग दी गई है। साथ ही मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले प्रथम दो बच्चों को ₹5,000 से ₹12,500 की छात्रवृत्ति तथा सीजी बोर्ड की मेरिट सूची में शीर्ष 10 में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को ₹1,00,000 की प्रोत्साहन राशि के साथ दोपहिया वाहन खरीदने हेतु ₹1,00,000 का अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है, जिससे 1,542 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इसके अलावा कम से कम 3 वर्ष से पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों के विवाह, उच्च शिक्षा या स्वरोजगार हेतु मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत ₹20,000 दिए जाते हैं, जिससे 6,292 बेटियां लाभान्वित हुई हैं, जबकि मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना से 404 वरिष्ठ श्रमिकों को एकमुश्त आर्थिक सहायता दी गई है।
इसी प्रकार प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा समर्पित योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके अंतर्गत असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के तहत पंजीकृत असंगठित महिला श्रमिकों को शिशु जन्म के बाद पोषण व स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ₹20,000 की सहायता दी जाती है, जिसमें 5,586 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत श्रमिक के आकस्मिक निधन या दिव्यांगता की स्थिति में आश्रितों को ₹1,00,000 देने का प्रावधान है, जिससे 917 परिवारों को संबल मिला है। इसी तरह ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत 544 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। स्वच्छता कर्मियों के विशेष ध्यान हेतु सफाई कर्मकार प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत 16 महिला सफाई कामगारों को ₹20,000 की प्रसूति सहायता तथा सफाई कर्मकार आवश्यक उपकरण सहायता योजना के माध्यम से 251 कामगारों को कार्य उपकरण क्रय सहायता दी गई है।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र श्रमिकों का विभाग के अंतर्गत पंजीकृत होना अनिवार्य है। जो श्रमिक अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, वे अपने निकटतम चॉइस सेंटर (लोक सेवा केंद्र) अथवा जिला श्रम कार्यालय में संपर्क कर अपना पंजीयन करा सकते हैं और शासन की इन योजनाओं का सीधा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।



















