शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने की तैयारी: CM साय ने जनप्रतिनिधियों से की खास अपील, हर बच्चे को स्कूल पहुंचाने का लक्ष्य

रायपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले ‘शाला प्रवेश उत्सव’ में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा प्रतिबद्धता है और यह सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए।

हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का अभियान, 12 दिनों तक चलेगा विशेष कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य स्कूल जाने योग्य हर बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करना और उनकी नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना है।

सरकार चाहती है कि जो बच्चे अब तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जाए।

मंत्री, सांसद, विधायक और महापौरों से मैदान में उतरने की अपील

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में पहुंचकर इस अभियान में भाग लेने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि यदि स्वयं स्कूलों में जाकर बच्चों और अभिभावकों को प्रेरित करेंगे तो इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा और यह एक जनआंदोलन का रूप ले सकेगा।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल स्कूलों में प्रवेश बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

प्रदेश में पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से आधुनिक और उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण तैयार किया जा रहा है। वहीं वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलेगा सरकारी स्कूलों का स्वरूप

राज्य सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सरकारी स्कूलों को तकनीक आधारित, आधुनिक और विद्यार्थी केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित कर रही है। इसके तहत डिजिटल सुविधाओं, बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुफ्त किताबें, गणवेश और साइकिल जैसी सुविधाओं से मिलेगा सहारा

मुख्यमंत्री ने बताया कि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रहे, इसके लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों के सहयोग से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है और यही छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।

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