जांजगीर-चांपा : डोंगाकोहरौद गांव में सड़क निर्माण की लंबित मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। नाराज लोगों ने पामगढ़-शिवरीनारायण-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। आंदोलन को पामगढ़ के व्यापारियों का भी समर्थन मिला, जिन्होंने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
बरसात में सड़क बनी परेशानी का कारण
ग्रामीणों का कहना है कि डोंगाकोहरौद मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। बारिश के दौरान सड़क पर बड़े गड्ढे, जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और रोजाना सफर करने वाले लोगों पर सबसे अधिक पड़ रहा है।
कई बार उठाई मांग, नहीं हुई कार्रवाई
आंदोलनकारियों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लगातार अनदेखी से नाराज होकर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
प्रशासन ने किया समझाने का प्रयास
चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर यातायात बहाल कराने की कोशिश की और सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का भरोसा दिलाया।
लिखित आश्वासन पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन और ठोस निर्णय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जनजीवन रहा प्रभावित
चक्काजाम और बाजार बंद का असर पूरे क्षेत्र में देखने को मिला। मुख्य मार्ग बंद रहने से यात्रियों को घंटों तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा, जबकि जरूरी कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्षों की उपेक्षा के बाद अब वे अपनी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।



















