बांधवगढ़ में बाघ की मौत के बाद बवाल, ग्रामीणों का वन अमले पर हमला, कई अधिकारी घायल

भोपाल: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण मामला सामने आया है। पनपथा बफर क्षेत्र में महिला पर हमले के बाद ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ की मौत हो गई। इसके बाद इलाके में हालात अचानक बिगड़ गए और गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया।

महुआ बीनने गए परिवार पर बाघ का हमला

जानकारी के मुताबिक शनिवार तड़के करीब 2:30 से 3 बजे के बीच पनपथा बफर क्षेत्र के जंगल में महुआ बीनने गए एक परिवार पर बाघ ने हमला कर दिया। इस हमले में करीब 34 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंचे उसके पति की मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह जंगल से बाहर निकलने में सफल रहे और घटना की सूचना ग्रामीणों तथा वन विभाग को दी गई।

वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही पनपथा के उप वनमंडलाधिकारी भूरा गायकवाड़, वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव, अंजू वर्मा और अन्य वन अधिकारी पुलिस एवं राजस्व टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सुबह करीब 6 बजे से जंगल में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

ट्रेंकुलाइज करने के बाद बाघ की मौत

वन अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ को ट्रेंकुलाइज किया गया। घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया, लेकिन इसी दौरान बाघ की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। वन विभाग अब बाघ की मौत के कारणों की जांच में जुट गया है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, वन अधिकारियों पर हमला

बाघ की मौत और हमले की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश भड़क उठा। सुबह होते-होते घटनास्थल पर करीब 150 से 200 ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

इस हमले में वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर, पीठ और हाथों में चोट आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल मानपुर के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

महिला अधिकारी के साथ अभद्रता का आरोप

घटना के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजू वर्मा के साथ भी अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार महिलाओं के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और काफी देर तक बंधक जैसी स्थिति बनी रही। हालात इतने बिगड़ गए कि वन विभाग के कई कर्मचारियों को जान बचाकर मौके से निकलना पड़ा।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थिति गंभीर होते देख वन अधिकारियों ने तत्काल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद कलेक्टर उमरिया, पुलिस अधीक्षक, संभागायुक्त और आईजी स्तर के अधिकारियों को अलर्ट किया गया।

प्रशासन और अतिरिक्त पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद हालात को नियंत्रित किया गया। इलाके में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

NTCA प्रोटोकॉल के तहत शुरू हुई जांच

वन विभाग के मुताबिक मृत बाघ का पोस्टमार्टम NTCA यानी नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में कराया गया है। बाघ के शव को सुरक्षित रखा गया है और मौत के असली कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

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