पंचांग : आज 16 जुलाई, 2026 गुरुवार, के दिन आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष द्वितिया तिथि है. इसके देवता विवादेव होते हैं. इस दिन चंद्रमा का दर्शन शुभ माना जाता है. शादी, वेडिंग रिंग की खरीदी और देवताओं की स्थापना के लिए यह तिथि शुभ होती है. किसी भी तरह के तकरार या विवाद के लिए यह तिथि अच्छी नहीं मानी जाती है.
16 जुलाई का पंचांग :
- विक्रम संवत : 2082
- मास : आषाढ़
- पक्ष : शुक्ल पक्ष द्वितिया
- दिन : गुरुवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष द्वितिया
- योग : सिद्धि
- नक्षत्र : अश्लेषा
- करण : कौलव
- चंद्र राशि : कर्क
- सूर्य राशि : मिथुन
- सूर्योदय : 05:32:00 AM
- सूर्यास्त : 07:21:00 PM
- चंद्रोदय : 07:59 ए एम
- चंद्रास्त : 09:11 पी एम
- राहुकाल : 14:10 से 15:54
- यमगंड : 05:32 से 07:16
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा. कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र का विस्तार 16:40 से 30 डिग्री तक है. इसके देवता सर्प हैं और नक्षत्र स्वामी बुध है. इस नक्षत्र को अच्छा नक्षत्र नहीं माना जाता है. किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से इस नक्षत्र में बचना चाहिए, हालांकि युद्ध में सफलता की तैयारी, तांत्रिक कार्य, कारावास या अलगाव से जुड़े कार्य, विनाश के कार्य और वरिष्ठों के साथ गठबंधन तोड़ने के लिए इस नक्षत्र में कार्य किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 14:10 से 15:54 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.


















