पंचांग : आज 31 मई, 2026 रविवार, के दिन आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि है. इस तिथि के दिन माता लक्ष्मी, सरस्वती और मां पार्वती की पूजा की जाती है. सभी तरह की शुभ कामनाओं की अभिव्यक्ति के लिए यह दिन अच्छा है. यह शुभ समारोह करने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह दिन शुभ माना जाता है.
31 मई का पंचांग :
- विक्रम संवत : 2082
- मास : आषाढ़
- पक्ष : पूर्णिमा
- दिन : रविवार
- तिथि : पूर्णिमा
- योग : सिद्धि
- नक्षत्र : अनुराधा
- करण : बव
- चंद्र राशि : वृश्चिक
- सूर्य राशि : वृषभ
- सूर्योदय : 05:22:00 AM
- सूर्यास्त : 07:15:00 PM
- चंद्रोदय : 19:36
- चंद्रास्त : चन्द्रास्तचन्द्रास्त नहीं
- राहुकाल : 17:31 से 19:15
- यमगंड : 12:19 से 14:03
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र वृश्चिक राशि में 3:20 से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह शनि है और देवता मित्र देव है, जो 12 आदित्यों में से एक है. यह सौम्य स्वभाव का नक्षत्र है. आज संबंधों में सहयोग, संतुलन और समझदारी का संकेत दे रहा है. शनि के प्रभाव से धैर्य और अनुशासन के साथ कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं. यह सौम्य स्वभाव का नक्षत्र होने से मित्रता, सहयोग और सकारात्मक रिश्तों को मजबूत करने के लिए अनुकूल समय रहेगा.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 17:31 से 19:15 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.


















