दुर्ग : उतई थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्ची से जुड़े लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ अलग अलग धाराओं में 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कुल 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
25 सितंबर को दोषसिद्धि, अगले दिन सुनाया गया सजा का आदेश
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय पॉक्सो, दुर्ग में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर न्यायालय ने 25 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषी ठहराया। इसके बाद 26 सितंबर को सजा का आदेश जारी किया गया।अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
10 अप्रैल को मिली थी घटना की सूचना, अगले दिन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को करीब साढ़े चार से पांच वर्ष की बच्ची से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उतई थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।घटना स्थल कुंआंपारा और बंजारीपारा, उतई क्षेत्र बताया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया था।
15 दिन के भीतर पेश किया गया अभियोग पत्र
पुलिस ने जांच के दौरान जरूरी साक्ष्य जुटाए और विवेचना पूरी करने के बाद 25 अप्रैल 2026 को न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुई।प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन चलाया गया।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 और 65(2), पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 5(ड) के साथ धारा 6 तथा एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला चलाया गया।न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए अलग अलग धाराओं में निर्धारित सजाएं सुनाईं।
पुलिस टीम और विशेष लोक अभियोजक की रही अहम भूमिका
मामले की विवेचना नगर पुलिस अधीक्षक नेवई भारती मरकाम ने की। कार्रवाई में निरीक्षक महेश ध्रुव, तत्कालीन थाना प्रभारी उतई, उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा और थाना उतई तथा रक्षित केंद्र दुर्ग के पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।न्यायालय में प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक रूपवती तेलीदार ने की। पुलिस के मुताबिक समय पर विवेचना पूरी कर साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
दुर्ग पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर की अपील
फैसले के बाद दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बच्चों से जुड़े किसी भी लैंगिक अपराध, शोषण या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जाए।पुलिस ने संवेदनशील मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता सुरक्षित रखने की अपील भी की है। साथ ही मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को बिना जरूरत सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी गई है।



















