सोने-चांदी में जोरदार गिरावट, एक ही दिन में निवेशकों को बड़ा झटका, जानिए क्या है कीमतें टूटने की वजह

मुंबई: सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। सोना प्रति 10 ग्राम 1500 रुपये से अधिक सस्ता हो गया, जबकि चांदी के दाम में 5000 रुपये से ज्यादा की कमी आई। घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। सोमवार को दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद मंगलवार को बाजार में भारी बिकवाली हुई, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आ गई।

आज के ताजा भाव

‘इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन’ के अनुसार टैक्स और मेकिंग चार्ज के बिना प्रमुख धातुओं के भाव इस प्रकार हैं।

  • 24 कैरेट सोना: 1,44,141 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: 1,40,680 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: 1,16,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • चांदी: 2,28,450 रुपये प्रति किलोग्राम
  • प्लेटिनम: 58,212 रुपये प्रति 10 ग्राम

अचानक क्यों टूट गए सोने के दाम

विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है। निवेशकों की नजर नए फेड चेयर के संभावित फैसलों पर टिकी हुई है। जब बाजार को ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका होती है, तब निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश से दूरी बनाकर निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी वजह से सोने पर दबाव बढ़ा।

एक दिन पहले तेजी और अगले दिन गिरावट क्यों

सोमवार को सोने में तेजी की दो अहम वजहें थीं। पहली, वैश्विक तनाव में कमी और विभिन्न क्षेत्रों से संघर्ष कम होने के संकेत। दूसरी, अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़े, जिनसे यह उम्मीद बनी कि ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी नहीं होगी। लगातार दो दिन की तेजी के बाद मंगलवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेज गिरावट दर्ज हुई।

डॉलर की मजबूती का भी दिखा असर

सोने की कीमतों पर अमेरिकी डॉलर का सीधा प्रभाव पड़ता है। डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग कमजोर पड़ती है। इसी कारण कीमतों पर दबाव बढ़ता है। इस वर्ष महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते डॉलर मजबूत बना हुआ है, जिसका असर सोने की चाल पर साफ दिखाई दे रहा है।

चांदी में ज्यादा गिरावट क्यों आई

चांदी केवल निवेश का साधन नहीं बल्कि उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग अधिक रहती है। जब वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर सुस्ती की आशंका बढ़ती है, तब औद्योगिक मांग कमजोर होने की संभावना के चलते चांदी के दाम सोने की तुलना में अधिक तेजी से गिरते हैं।

आने वाले दिनों में कैसी रह सकती है चाल

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी की आगे की दिशा पूरी तरह अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरों, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि महंगाई दोबारा तेज होती है और निवेशक सुरक्षित विकल्प तलाशते हैं तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है। वहीं डॉलर मजबूत रहने और महंगाई नियंत्रित रहने की स्थिति में कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत

फिलहाल बाजार में आई गिरावट का मुख्य कारण मुनाफावसूली और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता मानी जा रही है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय वैश्विक आर्थिक संकेतों और बाजार की अगली चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

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