रायपुर : ’सुशासन तिहार बना भरोसे का आधार’

’दीमक से नष्ट हुई किसान किताब की मिली नई प्रति, नीतू मार्काे के चेहरे पर लौटी मुस्कान’

रायपुर, 9 मई 2026 / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली और प्रशासनिक तत्परता का एक प्रेरणादायक उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम पंचायत सकोला में देखने को मिला, जहां एक किसान की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान बेहद कम समय में किया गया।

ग्राम पंचायत सकोला निवासी नीतू मार्काे की किसान किताब दीमक लगने के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। किसान किताब खराब हो जाने से उन्हें खेती-किसानी से जुड़े कई आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था स देवरीकला शिविर में आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए नीतू मार्काे को किसान किताब प्रदान किया गया स 

       नीतू मार्काे ने बताया कि किसान किताब के नहीं रहने के कारण बैंकिंग कार्य, राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं तथा शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही थी। अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर नीतू मार्काे ने सुशासन तिहार के अंतर्गत देवरीकला में आयोजित समाधान शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की। अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच एवं प्रक्रिया पूरी कर अल्प समय में किसान किताब की द्वितीय प्रति तैयार कर नीतू मार्काे को उपलब्ध करा दी।

        नई किसान किताब प्राप्त होने के बाद नीतू मार्काे ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा राजस्व मंत्री और राजस्व विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए राहत और भरोसे का पर्व बन गया है। उनकी समस्या का शीघ्र समाधान होने से शासन और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
           प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। शिविरों के जरिए प्रशासन सीधे आमजन तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और समयबद्ध समाधान उपलब्ध करा रहा है। इससे ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव निरंतर बढ़ रहा है।

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