मुंगेली में सियासी बवाल : लोरमी में AAP कार्यकर्ताओं का जोरदार विरोध प्रदर्शन

मुंगेली (छत्तीसगढ़)। जिले के लोरमी क्षेत्र में सोमवार दोपहर राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया, जब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपने ही पूर्व प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ खुलकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उनके बटहा स्थित आवास के बाहर किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।

पार्टी छोड़ने के फैसले से भड़का कार्यकर्ताओं का गुस्सा

जानकारी के अनुसार, हाल ही में संदीप पाठक के आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबर के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई थी। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके निवास पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

घर की दीवार पर लिखा गया आपत्तिजनक शब्द, सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल

प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आवेश में आकर घर की दीवार पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिया, जिसे लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। इस पूरी घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सामने आई हैं, जहां ये तेजी से वायरल हो रही हैं।घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।

संदीप पाठक की भूमिका और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर चर्चा तेज

संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता रहा है। वे लंबे समय तक पार्टी संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्हें पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल का करीबी सहयोगी भी माना जाता है।छत्तीसगढ़ में भी उन्हें संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां उन्होंने पार्टी को मजबूत करने का कार्य किया था।

राजनीतिक बदलाव से बदले समीकरण, संगठन पर असर की चर्चा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके पार्टी छोड़ने से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों में भी संगठनात्मक संतुलन पर असर पड़ सकता है। उनके नेतृत्व में 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता को भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाता है।इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था, जिससे उनकी राजनीतिक भूमिका और मजबूत हुई थी।

लोरमी की घटना से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

लोरमी में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि उनके पार्टी छोड़ने का असर जमीनी स्तर तक पहुंच चुका है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगी है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *