पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, लेकिन कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता…चेक करें आपके शहर में क्या है ताजा कीमत

देशभर में शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ईंधन के पुराने दाम ही लागू रखे हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आने वाले समय को लेकर नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ नजर आ रहा है।

देश के अलग-अलग शहरों में ईंधन के दामों में बड़ा अंतर

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग बनी हुई हैं। तिरुअनंतपुरम में पेट्रोल सबसे महंगा बिक रहा है, जहां इसकी कीमत 115.49 रुपये प्रति लीटर है। इसके बाद हैदराबाद में 117.07 रुपये, जयपुर में 113.61 रुपये, कोलकाता में 113.50 रुपये और पटना में 113.37 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पेट्रोल उपलब्ध है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।

डीजल भी कई राज्यों में 100 रुपये से ऊपर

डीजल की कीमतों में भी कई शहरों में राहत नहीं है। हैदराबाद में डीजल 105.22 रुपये प्रति लीटर, तिरुअनंतपुरम में 104.40 रुपये, चेन्नई में 100.74 रुपये और भुवनेश्वर में 100.68 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। दिल्ली में डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।

क्रूड ऑयल में उछाल से बढ़ी आशंका

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भू-राजनीतिक तनाव के चलते क्रूड ऑयल करीब 13 प्रतिशत महंगा होकर 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इससे पहले भी पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के दौरान कच्चे तेल का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर तक चला गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात सामान्य नहीं हुए तो इसका असर घरेलू ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है।

पहले भी बढ़ चुके हैं ईंधन के दाम

इससे पहले 15 मई से 30 मई के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियां चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा चुकी हैं। लगातार हुई इन बढ़ोतरी के बाद ईंधन लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया था। उस समय भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें इसकी प्रमुख वजह रही थीं।

आगे क्या महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल?

फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है क्योंकि ईंधन के दाम स्थिर हैं। लेकिन यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियों में सुधार नहीं होता, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बाजार और उपभोक्ता दोनों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी हुई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *