छत्तीसगढ़ : मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटे कई जिलों के लिए अहम रहने वाले हैं, क्योंकि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अगले दो दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
भारत मौसम विज्ञान विभाग के रायपुर केंद्र के मुताबिक, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है।
सात दिन तक जारी रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 से 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश होती रहेगी। इस दौरान कई स्थानों पर भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। 24 जुलाई को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के आसार हैं, हालांकि उस दिन किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है।
रायपुर में दिनभर बादल और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में आज पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है। एक या दो दौर की बारिश के साथ गरज-चमक भी हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान बिलासपुर में 142.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। वहीं पेंड्रा रोड में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
बारिश और वज्रपात को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली चमकने के समय खुले मैदानों से दूर रहें। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सीमित रखें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें। किसानों को भी खेतों में रखी उपज और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।



















