जूनियर इंजीनियर भर्ती पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इस्तीफे से खाली पदों पर अब पुरानी वेटिंग लिस्ट नहीं आएगी काम

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े एक मामले में चयन सूची और प्रतीक्षा सूची को लेकर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। कोर्ट ने कहा है कि एक बार भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाए और चयनित अभ्यर्थी अपने पद पर कार्यभार ग्रहण कर लें, इसके बाद उनके इस्तीफे से खाली होने वाले पदों को उसी भर्ती की पुरानी चयन सूची या वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता।ऐसे पदों को नई रिक्ति माना जाएगा। इन्हें भरने के लिए संबंधित विभाग को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसके लिए नया विज्ञापन जारी करने के बाद निर्धारित नियमों के तहत चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

बिजली कंपनियों में जूनियर इंजीनियर भर्ती का था मामला

यह मामला छत्तीसगढ़ की तीन बिजली कंपनियों में जूनियर इंजीनियर इलेक्ट्रिकल के पदों पर हुई भर्ती से जुड़ा था। इनमें स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह था कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ चयनित उम्मीदवारों के इस्तीफा देने से खाली हुए पदों पर पुराने अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति दी जा सकती है या नहीं।

2023 में जारी हुआ था भर्ती का विज्ञापन

जूनियर इंजीनियर इलेक्ट्रिकल के पदों पर ओबीसी वर्ग के लिए भर्ती का विज्ञापन 15 सितंबर 2023 को जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 अक्टूबर 2024 को चयन सूची जारी की गई।इस सूची में भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता का चयन नहीं हुआ था। बाद में चयनित अभ्यर्थियों में से कुछ ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण संबंधित पद खाली हो गए।इसके बाद दोनों अभ्यर्थियों ने विभाग के सामने अपना दावा पेश करते हुए इन रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति देने की मांग की।

पुरानी प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति की मांग पर क्या था तर्क

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि चयनित उम्मीदवारों के इस्तीफे के बाद खाली हुए पदों को प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों से भरा जाना चाहिए। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पहली प्रतीक्षा सूची या दूसरे चरण की सूची जारी नहीं की गई।उन्होंने इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत भी जानकारी मांगी थी। जब इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो दोनों अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।

कोर्ट ने बताया इस्तीफे से खाली पदों को नई रिक्ति क्यों माना जाएगा

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ कर दी। कोर्ट के अनुसार, जब किसी भर्ती की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो और चयनित उम्मीदवार अपने पद पर कार्यभार भी संभाल चुके हों, उसके बाद किसी उम्मीदवार के इस्तीफे से खाली हुआ पद मूल भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता।ऐसे पदों को नई रिक्ति के तौर पर देखा जाएगा। इसलिए विभाग को इन पदों को भरने के लिए नया विज्ञापन जारी करना होगा और इच्छुक उम्मीदवारों को नए सिरे से आवेदन का अवसर देना होगा।इस फैसले के साथ कोर्ट ने पुरानी चयन सूची या प्रतीक्षा सूची के आधार पर इन रिक्त पदों पर नियुक्ति देने की मांग को स्वीकार नहीं किया। इससे भर्ती प्रक्रिया में नई रिक्तियों को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट हुई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *