बालोद: जिले के डौंडी वन क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार की कोशिश को वन विभाग की टीम ने समय रहते नाकाम कर दिया। गश्त के दौरान कर्मचारियों ने एक व्यक्ति को पकड़ा, जो जंगल में वन्यजीवों को फंसाने के लिए जाल बिछाकर रखा था। राहत की बात यह रही कि किसी वन्यजीव के जाल में फंसने से पहले ही विभाग ने शिकारी को पकड़ लिया।
गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर नजर, चिहरो के जंगल से पकड़ा गया आरोपी
मामला डौंडी परिक्षेत्र के चिहरो कक्ष क्रमांक 126 आरएफ का बताया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्राम तेवड़ा, आमाबेड़ा निवासी सुधु राम आंचला को पकड़ा। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
शिकार के लिए तैयार रखा था पूरा सामान, कई उपकरण बरामद
वन विभाग की कार्रवाई में आरोपी के पास से शिकार में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बरामद की गईं। इनमें बांस की गुलेल, मिट्टी से बनी गोलियां, टंगिया, गैती और वन्यजीवों को पकड़ने के लिए लगाई गई तीन जालियां शामिल हैं।
बरामद सामान के आधार पर वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी कितने समय से इस तरह की गतिविधि में शामिल था और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ है।
कई दिनों से गांव छोड़कर चिहरो में रहने की जानकारी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी पिछले कुछ दिनों से अपने गांव तेवड़ा से चिहरो क्षेत्र में आकर रह रहा था। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। 15 अगस्त को गश्त के दौरान उसे पकड़ने के बाद पूछताछ की गई और बरामद सामान को जब्त कर लिया गया।
देर शाम पकड़ा गया आरोपी, पुलिस अभिरक्षा में रखा गया
कार्रवाई देर शाम होने के कारण वन विभाग ने आरोपी को डौंडी पुलिस की अभिरक्षा में रखा। उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में वन विभाग की ओर से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर शिकार की कोशिश पर लगाया ब्रेक
कार्रवाई के दौरान डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर, दल्लीराजहरा रेंजर संतोष ठाकुर और एसडीओ एमसी डहरे सहित वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग की इस कार्रवाई से जंगल में अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ निगरानी और सख्ती का संकेत मिला है।



















