छत्तीसगढ़ में निवेश की बड़ी पहल! हैदराबाद में ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम, CM साय ने दिखाई नई औद्योगिक नीति की ताकत

रायपुर/हैदराबाद। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेश के व्यापक अवसरों की जानकारी दी।

निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ बना आकर्षक गंतव्य

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए माहौल अब पहले से कहीं अधिक अनुकूल, सरल और पारदर्शी बनाया गया है। राज्य में उद्योग, अधोसंरचना, ऊर्जा, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण और खनिज आधारित क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने निवेशकों को राज्य में अधिक से अधिक निवेश के लिए आमंत्रित किया और कहा कि नई औद्योगिक नीति के कारण लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं।

हैदराबाद में उद्योग जगत के साथ अहम चर्चा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ बैठक की और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत मंथन किया। इस दौरान राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश प्रक्रियाओं को और आसान बनाने पर भी जोर दिया गया।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा छत्तीसगढ़ का आकर्षण

हैदराबाद से पहले अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के बाद छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

सरकारी जानकारी के अनुसार नई औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन पहलों के चलते राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इसे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

लोकेर जलाशय योजना को भी मिली स्वीकृति

इसी बीच राज्य में विकास कार्यों को गति देते हुए लोकेर जलाशय योजना के लिए 70 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है, जिससे बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ को निवेश हब बनाने की दिशा में कदम

इस पूरे अभियान को राज्य को एक उभरते निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की सूची में और मजबूत स्थान दिलाया जाए।

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