भिलाई रेलवे में CBI की बड़ी कार्रवाई: सीनियर DME कार्यालय में देर रात तक जांच, बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप की पड़ताल

 दुर्ग :  भिलाई स्थित रायपुर रेल मंडल के चरोदा पीपी यार्ड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। रनिंग बिल पास करने के बदले कथित तौर पर मोटी रकम मांगने की शिकायत मिलने के बाद CBI की टीम ने सीनियर डीएमई अनमोल उइके के कार्यालय में पहुंचकर जांच शुरू की। देर रात तक अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ का सिलसिला जारी रहा।

रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, रेलवे के एक ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि उसके रनिंग बिल पास करने के बदले बड़ी रकम की मांग की जा रही है। यह शिकायत दिल्ली स्थित CBI कार्यालय तक पहुंची, जिसके बाद एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे CBI की टीम भिलाई पहुंची और सीधे चरोदा स्थित सीनियर डीएमई कार्यालय में कार्रवाई शुरू कर दी।

दिल्ली से पहुंची CBI की विशेष टीम

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, करीब आठ अधिकारियों की CBI टीम दिल्ली से भिलाई पहुंची। टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों की जांच की और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में देर रात तक जांच जारी रही।हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी तक मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

रेलवे वैगनों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र है पीपी यार्ड

भिलाई का चरोदा पीपी यार्ड रेलवे के लिए महत्वपूर्ण मेंटेनेंस केंद्र माना जाता है। यहां मालगाड़ियों के वैगनों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाता है। ऐसे में यहां होने वाले ठेकों और भुगतान प्रक्रियाओं को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना बेहद अहम माना जाता है।

पहले भी CBI की कार्रवाई हो चुकी है

यह पहली बार नहीं है जब चरोदा पीपी यार्ड CBI की जांच के दायरे में आया हो। वर्ष 2023 में भी ठेकेदारों से कथित कमीशन लेने के आरोपों की जांच के दौरान एजेंसी ने यहां कार्रवाई की थी। एक बार फिर भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत सामने आने के बाद यह रेलवे परिसर जांच एजेंसी की रडार पर आ गया है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति

फिलहाल CBI मामले से जुड़े दस्तावेजों और शिकायत के तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *