बीजापुर बाघ खाल तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, रेंजर सहित तीन वनकर्मी निलंबित

 बीजापुर। इंद्रावती टाइगर रिजर्व से जुड़े बहुचर्चित बाघ खाल तस्करी मामले में वन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पासेवाड़ा रेंज के रेंजर, डिप्टी रेंजर और एक बीट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जांच समिति गठित, आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने विशेष जांच समिति का गठन किया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अब तक इस प्रकरण में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

गुरुवार को जांच में मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर विभाग ने पासेवाड़ा रेंज में पदस्थ तीन वनकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कोर एरिया में दो बाघों के शिकार ने बढ़ाई चिंता

यह मामला 3 जुलाई को सामने आया था, जब इंद्रावती टाइगर रिजर्व के पासेवाड़ा कोर एरिया में दो बाघों के शिकार का खुलासा हुआ। जिस क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश तक प्रतिबंधित माना जाता है, वहां शिकारियों का पहुंचकर बाघों का शिकार कर लेना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पहले भी उठते रहे हैं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में यह पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले भी वन्यजीवों के शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी, अवैध गतिविधियों और संरक्षण व्यवस्था में लापरवाही को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं। हर बार जांच तो हुई, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।

जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार

वन विभाग फिलहाल पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है। स्थानीय लोगों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों की नजर अब जांच की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *