भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: मृत खातेदार की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में बैंक शाखा प्रबंधक निलंबित

रायपुर। बलौदाबाजार भाटापारा जिले के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपानिया शाखा में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मृत खातेदार की जमा राशि उसके नामिनी को जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

शिकायत ने खोला मामला, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मामला तब सामने आया जब मृत खातेदार के परिजनों और नामिनी ने आरोप लगाया कि खाते में जमा राशि जारी करने के लिए शाखा प्रबंधक द्वारा अनावश्यक देरी की जा रही थी और साथ ही 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में दर्ज कराई गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, प्रशासन ने बढ़ाया कदम

शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए गए। जांच की जिम्मेदारी संबंधित नोडल अधिकारी को सौंपी गई, जिन्होंने दस्तावेजों और शिकायतकर्ता के बयानों का परीक्षण किया। जांच में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके आधार पर बैंक प्रबंधन ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।

निलंबन के बाद नोडल कार्यालय से जोड़ा गया, आगे होगी विभागीय जांच

बैंक कर्मचारी सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए अनिता पाण्डेय को उनके वर्तमान पद से हटाकर नोडल कार्यालय महासमुंद से संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे वहीं से प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करेंगी। अधिकारियों के अनुसार अब इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी कराई जाएगी।

यदि जांच में आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार पर सख्ती के संदेश के रूप में देखी जा रही कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और सहकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

लोगों ने जताया समर्थन, शिकायत करने की अपील भी जारी

इस घटना के बाद सहकारी बैंक से जुड़े खाताधारकों और आम लोगों ने प्रशासन के कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जरूरतमंद परिवारों से उनके हक की राशि देने के बदले रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है।

प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी या अर्धसरकारी कार्यालय में अवैध रूप से राशि की मांग की जाती है तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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