भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस स्थित रॉ मैटेरियल क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। यहां संचालित ओवर ब्रिज क्रेन नंबर-4 का केबिन अचानक टूटकर करीब 50 फीट नीचे गिर गया। हादसे के समय केबिन में मौजूद ठेका श्रमिक और क्रेन ऑपरेटर रविंद्र चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्टील बीम से टकराने से टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, गिरते समय क्रेन का केबिन बीच में मौजूद स्टील बीम से टकरा गया। इससे उसकी रफ्तार कम हो गई और वह सीधे जमीन पर नहीं गिरा। माना जा रहा है कि इसी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि केबिन के भीतर मौजूद ऑपरेटर को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।
आईसीयू में चल रहा उपचार
दुर्घटना के तुरंत बाद घायल रविंद्र चौधरी को प्लांट की मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
अधिकारियों ने शुरू कराई जांच
हादसे की सूचना मिलते ही भिलाई स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सेफ्टी निरीक्षण पर खड़े हुए सवाल
इस घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार जिस ओवर ब्रिज क्रेन का केबिन गिरा, उसका महज चार दिन पहले ही सुरक्षा निरीक्षण किया गया था और उसे संचालन के लिए सुरक्षित घोषित किया गया था। ऐसे में निरीक्षण की गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण और रखरखाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच रिपोर्ट से होगा हादसे का खुलासा
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, रखरखाव में लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण सामने आएंगे। इस घटना ने एक बार फिर भारी औद्योगिक मशीनों के संचालन में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।



















