चांदी खरीदने से पहले जान लें यह आसान तरीका, छोटी सी जांच बचा सकती है नकली गहने का बड़ा नुकसान

 चांदी : त्योहारों का दौर आते ही सराफा बाजार में चांदी की खरीदारी तेज होने लगती है। कोई पायल और बिछिया खरीदता है, तो किसी की पसंद चेन, अंगूठी, ब्रेसलेट या पूजा में इस्तेमाल होने वाले चांदी के बर्तन होते हैं। लेकिन चमकदार गहने को देखकर उसकी असली शुद्धता का अंदाजा लगाना आसान नहीं है। ऐसे में खरीदारी से पहले कुछ जरूरी निशानों और डिजिटल जांच के तरीके को समझ लेना आपके पैसे को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS ने चांदी के आभूषणों की पहचान और शुद्धता की जांच को लेकर HUID व्यवस्था का विस्तार किया है। देश के 102 जिलों में 341 जांच और हॉलमार्किंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 25 हजार से अधिक चांदी विक्रेता BIS के साथ पंजीकृत हो चुके हैं।

गहने पर मौजूद चार निशान बता सकते हैं असली पहचान

हॉलमार्क वाली चांदी खरीदते समय गहने पर कुछ महत्वपूर्ण संकेत जरूर देखें। आमतौर पर चार तरह की जानकारी अंकित होती है।पहला BIS का पहचान चिह्न होता है। इसके साथ SILVER शब्द लिखा रहता है। तीसरे स्थान पर शुद्धता का ग्रेड दर्ज होता है, जैसे 925 या 800। इसके अलावा गहने पर लेजर से अंकित छह अंकों का HUID नंबर भी दिया जाता है।यह HUID प्रत्येक गहने की अलग पहचान के रूप में काम करता है। इसके जरिए उस वस्तु से जुड़ी हॉलमार्किंग और शुद्धता संबंधी जानकारी की जांच की जा सकती है।

मोबाइल से मिनटों में करें HUID की जांच

चांदी की शुद्धता से जुड़ी जानकारी देखने के लिए BIS CARE ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। गहने पर दर्ज छह अंकों का HUID नंबर ऐप में डालने पर उससे संबंधित विवरण स्क्रीन पर दिखाई देता है।अगर नंबर दर्ज करने के बाद कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती या सामने आने वाला विवरण गहने से मेल नहीं खाता, तो खरीदारी से पहले मामले की दोबारा जांच करना बेहतर होगा।

दुकान पर खरीदारी करते समय इन बातों को न करें नजरअंदाज

चांदी का सामान खरीदते समय BIS से पंजीकृत विक्रेता को प्राथमिकता देना उपयोगी हो सकता है। खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें और उसे सुरक्षित रखें, क्योंकि किसी विवाद या शिकायत की स्थिति में यही महत्वपूर्ण दस्तावेज बन सकता है।हॉलमार्क या HUID से जुड़ी किसी संदिग्ध जानकारी की शिकायत BIS CARE ऐप अथवा BIS के आधिकारिक माध्यम से की जा सकती है।

हॉलमार्क वाली और बिना हॉलमार्क वाली चांदी में क्या अंतर है

सोने के विपरीत चांदी के लिए हॉलमार्किंग अभी अनिवार्य व्यवस्था नहीं है। विक्रेता अपनी इच्छा से चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग करा सकता है। चांदी के लिए हॉलमार्किंग योजना अक्टूबर 2005 में शुरू की गई थी और यह अब भी स्वैच्छिक आधार पर लागू है।इस कारण बाजार में हॉलमार्क वाले और बिना हॉलमार्क वाले दोनों तरह के उत्पाद मिल सकते हैं। ऐसे में ग्राहक को खरीदारी से पहले शुद्धता, बिल और अन्य पहचान संबंधी जानकारी को ध्यान से जांचना चाहिए।

77 लाख से ज्यादा चांदी के गहनों को मिल चुका है HUID

चांदी के लिए HUID पोर्टल 1 सितंबर 2025 को शुरू किया गया था। इसके बाद से अब तक 77 लाख से अधिक चांदी के गहनों पर HUID अंकित किया जा चुका है।इनमें लगभग 95 प्रतिशत हिस्सेदारी 925 और 800 ग्रेड वाले उत्पादों की बताई गई है। क्षेत्रीय स्तर पर दक्षिण भारत सबसे आगे है, जहां करीब 62 प्रतिशत काम हुआ है। इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत और मध्य क्षेत्र की करीब 10 प्रतिशत रही है।

लोगों की पसंद में कौन से चांदी के गहने सबसे आगे

BIS के सर्वे में चांदी की खरीदारी के पैटर्न को भी समझने की कोशिश की गई। 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 345 जिलों से 4,971 प्रतिक्रियाएं जुटाई गईं।सर्वे के अनुसार 10 से 25 ग्राम और 25 से 50 ग्राम वजन वाले गहनों की मांग सबसे अधिक है। दोनों श्रेणियों को मिलाकर करीब 74 प्रतिशत खरीदारी इन्हीं वजन वर्गों में होती है।पायल, चेन, बिछिया, अंगूठी और ब्रेसलेट सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले चांदी के उत्पादों में शामिल हैं। शुद्धता के मामले में भी 925 और 800 ग्रेड का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है।

चांदी की शुद्धता समझने के लिए जानें सात प्रमुख ग्रेड

BIS के मानक IS 2112 के तहत चांदी के सात शुद्धता ग्रेड निर्धारित किए गए हैं। इनमें 999, 990, 970, 958, 925, 835 और 800 शामिल हैं।ग्रेड का अंक जितना अधिक होता है, चांदी की शुद्धता भी उतनी ज्यादा मानी जाती है। 999 ग्रेड लगभग पूरी तरह शुद्ध चांदी को दर्शाता है। हालांकि गहने बनाने में आमतौर पर 925 ग्रेड का अधिक उपयोग होता है, क्योंकि अत्यधिक शुद्ध चांदी काफी मुलायम होती है और उससे बने आभूषणों को मजबूत आकार देना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है।

खरीदारी से पहले एक मिनट की जांच बन सकती है समझदारी भरा फैसला

त्योहारों या किसी खास मौके पर चांदी खरीदने जा रहे हैं तो केवल डिजाइन और कीमत देखकर फैसला न करें। हॉलमार्क, शुद्धता ग्रेड, HUID और खरीदारी का बिल जरूर जांचें। कुछ मिनट की सावधानी आपको सही गुणवत्ता वाला उत्पाद चुनने और भविष्य में किसी परेशानी से बचने में मदद कर सकती है।

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