महंगाई का असर, दूध के दाम में 3 रुपये तक बढ़ोतरी,जानिए घर पहुंच और दुकानों पर कितना हुआ रेट

  Indore News: अक्टूबर की शुरुआत इंदौर के लोगों के लिए महंगाई के लिहाज से राहत भरी नहीं रही। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब दूध की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दूध विक्रेता संघ ने घर पहुंच दूध के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि दुकानों पर खुले दूध की कीमत भी तय की गई है। दूसरी ओर, कुछ डेयरी और दुकानों पर दूध 70 रुपये प्रति लीटर तक बिकने की जानकारी सामने आई है।

घर पहुंच दूध अब 65 रुपये प्रति लीटर

दूध विक्रेता संघ के मुताबिक, घर पहुंच दूध की कीमत 63 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इसमें दूध की कीमत के साथ डिलीवरी चार्ज भी शामिल है। वहीं, दुकानों पर खुले दूध का रेट 68 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में निजी डेयरी और दुकानों पर दूध 70 रुपये प्रति लीटर तक बेचे जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अलग-अलग स्थानों पर दूध की कीमत में अंतर देखने को मिल रहा है।

किसान 70 रुपये खरीद मूल्य की मांग पर अड़े

दूध के दाम बढ़ने के बावजूद दूध किसान संघ इसे पर्याप्त नहीं मान रहा है। किसानों की मांग है कि उन्हें दूध के लिए 70 रुपये प्रति लीटर का खरीद मूल्य दिया जाए। किसानों का कहना है कि पशुओं के चारे, खल-चापड़ और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है।

किसानों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में दूध की सप्लाई रोकने को लेकर फैसला लेने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में दूध की कीमत को लेकर किसान और उपभोक्ता दोनों अपनी-अपनी समस्याएं सामने रख रहे हैं।

दूध विक्रेता संघ ने बताई कीमत बढ़ाने की वजह

इंदौर दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला के अनुसार, पहले घर पहुंच दूध की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर थी। इसमें 62 रुपये दूध की कीमत और 1 रुपये डिलीवरी चार्ज शामिल था। अब दूध की कीमत 64 रुपये और डिलीवरी चार्ज 1 रुपये मिलाकर उपभोक्ता को कुल 65 रुपये प्रति लीटर देना होगा।उन्होंने बताया कि दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर रखी गई है। उनके मुताबिक संघ पिछले 38 वर्षों से काम कर रहा है और उसका उद्देश्य किसानों को उत्पादन लागत के अनुसार भुगतान दिलाने के साथ उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डालना है।

फैट के आधार पर किसानों को किया जाता है भुगतान

मथुरावाला के मुताबिक किसानों को दूध में फैट की मात्रा के आधार पर भुगतान किया जाता है। पहले किसानों को 8 रुपये 90 पैसे प्रति फैट के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9 रुपये 23 पैसे प्रति फैट किया गया है।

त्योहारों से पहले बढ़ सकती है लोगों की चिंता

इंदौर में दूध के अलग-अलग रेट सामने आने से उपभोक्ताओं के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि दूध रोजमर्रा की जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। त्योहारों के दौरान दूध और इससे तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने पर खर्च और बढ़ने की चिंता भी लोगों में है।

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