नई दिल्ली/कम्पाला। कोरोना महामारी के बाद अब दुनिया पर एक और नए वायरस का खतरा मंडराने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अफ्रीका के कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहे ‘इबोला’ (Ebola) वायरस के प्रकोप को देखते हुए ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ यानी अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संगठन का यह सबसे बड़ा और गंभीर अलर्ट माना जाता है।
कम्पाला और किंशासा जैसे बड़े शहरों में पहुंचा वायरस, मची खलबली
यह फैसला तब लिया गया है जब इबोला के पुष्ट मामले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर युगांडा की राजधानी कम्पाला और कांगो के किंशासा जैसे बेहद घनी आबादी वाले बड़े शहरों तक पहुंच गए हैं। अभी तक यह वायरस छोटे गांवों और कस्बों तक सीमित था, लेकिन बड़े शहरों में इसके पैर पसारने से दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद चिंतित हैं।
सबसे डराने वाली बात यह है कि यह प्रकोप इबोला वायरस के बेहद दुर्लभ ‘बुंडिबुग्यो स्ट्रेन’ (Bundibugyo Strain) के कारण हो रहा है। राहत की बात बस इतनी है कि WHO ने अभी इसे महामारी घोषित करने के स्तर पर नहीं माना है, लेकिन हालात को असाधारण और बेहद संवेदनशील जरूर बताया है।
इलाज और वैक्सीन कुछ भी नहीं, अब तक 80 संदिग्ध मौतें
चिंता की सबसे बड़ी वजह यह है कि फिलहाल बुंडिबुग्यो स्ट्रेन की रोकथाम के लिए दुनिया में कोई भी टीका (Vaccine) या सटीक इलाज उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार, कांगो के पूर्वोत्तर इटुरी प्रांत में इबोला के अब तक 246 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। लैब जांच में 8 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 80 संदिग्ध मरीजों की मौत की खबर है। इस समय बूनिया, र्वाम्परा और मोंगब्वालु जैसे इलाके इस वायरस के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने हुए हैं।
भारत समेत दुनिया भर के एयरपोर्ट पर बढ़ाई जा सकती है निगरानी
अफ्रीकी देशों में इबोला के इस नए स्ट्रेन के आउटब्रेक के बाद अब भारत समेत कई देश अलर्ट मोड पर आ सकते हैं। आने वाले दिनों में अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग और सख्त स्क्रीनिंग शुरू की जा सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी देशों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।



















