मध्य प्रदेश: पेट्रोल-डीजल संकट और बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच अब बीजेपी संगठन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद जहां मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक अपने काफिले छोटे कर रहे हैं, वहीं कुछ नेताओं का शक्ति प्रदर्शन पार्टी को भारी पड़ गया। अब ऐसे नेताओं पर संगठन ने सख्त रुख अपनाया है।
मोहन यादव ने घटाया काफिला, फिर भी कुछ नेताओं ने दिखाई ताकत
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद उदाहरण पेश करते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 7 कर दी है। सरकार और संगठन लगातार सादगी और ईंधन बचत का संदेश देने में जुटे हैं।
इसके बावजूद कुछ नेताओं की रैलियों में लंबा काफिला और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज हो गया। अब बीजेपी संगठन ने ऐसे 7 नेताओं को 17 मई को तलब किया है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दिया साफ संदेश
मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को लेकर सरकार और संगठन दोनों गंभीर हैं। पार्टी में अनुशासन सबसे ऊपर है और सभी नेताओं को इसका पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और संगठन के पदाधिकारी तक पीएम मोदी के संदेश का पालन कर रहे हैं। ऐसे में रैलियों में अनावश्यक शक्ति प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन नेताओं को भेजा गया तलब
पार्टी की ओर से जिन नेताओं को बुलाया गया है, उनमें महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, ओबीसी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष पवन पाटीदार, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष पंकज जोशी, उपाध्यक्ष राकेश जादौन, किसान मोर्चा देवास अध्यक्ष टिकेंद्र प्रताप सिंह और लघु उद्योग निगम अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण शामिल हैं।
18 मई को होगी खास ट्रेनिंग, सीएम खुद देंगे संदेश
मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और प्राधिकरणों में अब तक 63 नियुक्तियां की जा चुकी हैं। नए अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के लिए 18 मई को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
यह कार्यक्रम Atal Bihari Vajpayee Institute of Good Governance and Policy Analysis में होगा, जहां मुख्यमंत्री Mohan Yadav खुद संबोधित करेंगे।
क्रूड ऑयल संकट का असर, बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक तेल संकट का असर भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और जरूरत से ज्यादा सोना खरीदने से बचने की अपील की है।
एमपी में इस अपील का असर भी दिख रहा है। कई जनप्रतिनिधियों ने काफिले कम कर दिए हैं और ई-व्हीकल का इस्तेमाल बढ़ाया है। वहीं तेल कंपनियों पर बढ़ती लागत का दबाव बढ़ने के बाद 15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।



















