नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का दौर लगातार जारी है। दिल्ली में सोने के भाव में एक बार फिर तेज कमी दर्ज की गई, जिससे कीमत करीब दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,700 रुपये सस्ता होकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।बाजार में लगातार पांच कारोबारी दिनों से जारी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी बिकवाली और निवेशकों की मुनाफावसूली का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
पांच दिन में 8,900 रुपये तक टूटा सोना
सोने की कीमतों में पिछले पांच कारोबारी सत्रों के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद कीमतों में लगातार कमजोरी आती रही और अब यह घटकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।इस तरह महज पांच दिनों के भीतर सोना 8,900 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। प्रतिशत के हिसाब से यह गिरावट करीब 5.3 फीसदी की मानी जा रही है।
दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे भाव
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। मंगलवार को इसमें 2,700 रुपये की और गिरावट आई। इसके साथ ही कीमत करीब दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई।स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, इससे पहले 19 अगस्त के आसपास भी सोने के भाव इसी स्तर के करीब देखे गए थे।
विदेशी बाजार की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
बाजार जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर सोने में निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना है। कई निवेशकों ने मुनाफावसूली का रास्ता अपनाया, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू सर्राफा कारोबार तक दिखाई दिया।भारत में सोने की कीमतें वैश्विक बाजार की चाल से काफी प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमजोरी आने पर घरेलू बाजार में भी इसका असर देखने को मिलता है।
निवेशकों की रणनीति में बदलाव भी एक कारण
सोने को लंबे समय से सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प माना जाता रहा है। लेकिन जब दूसरे निवेश विकल्प बेहतर रिटर्न की संभावना दिखाते हैं, तब निवेशकों का रुझान बदल सकता है।हाल के दिनों में सोने की कीमतों में आई कमजोरी को निवेशकों की इसी बदलती रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और अन्य बाजारों की गतिविधियां भी निवेश निर्णयों को प्रभावित कर रही हैं।
शादी और त्योहारों से पहले खरीदारों के लिए राहत
सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है। आने वाले समय में शादी और त्योहारों का सीजन रहने वाला है, ऐसे में कम कीमतों पर खरीदारी का अवसर मिलने की संभावना बढ़ी है।हालांकि, विशेषज्ञ खरीदारों को जल्दबाजी से बचने की सलाह भी दे रहे हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
चांदी की चाल पर भी टिकी नजर
सर्राफा बाजार में केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों पर भी निवेशकों और कारोबारियों की नजर बनी हुई है। कीमती धातुओं के भाव कई अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होते हैं।अमेरिकी डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें, वैश्विक मांग और आर्थिक परिस्थितियां सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे क्या होगा, किन संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों का रुख आगे की चाल तय कर सकता है।यदि वैश्विक बाजार में बिकवाली का दबाव जारी रहा तो सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। निवेशक अगली रणनीति पर विचार कर रहे हैं, जबकि खरीदार कम हुए भाव का लाभ उठाने की तैयारी में हैं।



















