छत्तीसगढ़ : हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छोटे शहरों और दूरस्थ इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण को लेकर समझौता हुआ है। राज्य की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए है।इस पहल के बाद प्रदेश के ऐसे इलाकों तक हवाई संपर्क बढ़ाने की तैयारी है, जहां अभी सड़क मार्ग ही प्रमुख परिवहन साधन है। खास तौर पर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
सीएम साय ने बताया विकास के लिए अहम कदम
समझौते के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से दूरस्थ क्षेत्रों की दूरी कम होगी और पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार के अवसर बढ़ सकते है।सरकार का फोकस ऐसे इलाकों को जोड़ने पर है, जहां बेहतर हवाई सुविधा मिलने से आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सके।
क्या है मॉडिफाइड उड़ान योजना?
मॉडिफाइड उड़ान योजना का उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। इसके तहत 100 हवाई अड्डे और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।योजना के जरिए उन क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने की कोशिश है, जहां मौजूदा समय में हवाई सेवाएं सीमित है। छत्तीसगढ़ के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राज्य के कई दूरस्थ और आदिवासी इलाके प्रमुख शहरों से काफी दूरी पर स्थित है।
हेली सेवा से मेडिकल इमरजेंसी में भी मिल सकती है मदद
दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी विकसित होने से केवल सामान्य आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि आपात स्थिति में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या अन्य विशेष परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।इससे दूरदराज के इलाकों से मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में भी समय की बचत हो सकती है।
बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन को मिल सकता है फायदा
हवाई संपर्क बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं मौजूद है। इन इलाकों में हेलीपैड और बेहतर हवाई संपर्क विकसित होने से पर्यटकों के लिए पहुंच आसान हो सकती है।पर्यटन गतिविधियां बढ़ने पर स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
नए एयरपोर्ट और हेलीपैड के लिए आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
समझौते के बाद अब प्रदेश में संभावित स्थानों की पहचान और जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के लिए स्थान चिन्हित करने के साथ अन्य आवश्यक तैयारियां भी की जाएंगी।अगर योजना के तहत प्रस्तावित परियोजनाएं जमीन पर उतरती है, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए हवाई संपर्क का दायरा पहले की तुलना में बढ़ सकता है।



















