मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में देशभर के स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। रायपुर के एक होटल में आयोजित इस समिट में मुख्यमंत्री ने राज्य की नई औद्योगिक नीति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान नीति में शामिल किया गया है। इसके साथ ही हाइड्रोजन तकनीक और सौर ऊर्जा आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सीएम साय ने ‘अंजोर विजन @2047’ की चर्चा करते हुए बताया कि इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, विशेषकर स्टील और पावर इंडस्ट्री को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राज्य में रेलवे अधोसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर, नवीन लॉजिस्टिक नीति, और स्किल इंडिया सेंटर के माध्यम से निवेशकों को हर जरूरी सुविधा दी जा रही है।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने के लिए 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं। वहीं सिंगल विंडो सिस्टम से उद्योग लगाने की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है।
इस समिट में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के 250 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई क्षेत्र को एक स्टील क्लस्टर के रूप में विकसित करने की योजना की भी जानकारी दी।
ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ में भविष्य की संभावनाओं को साकार करेगा—इस विश्वास के साथ मुख्यमंत्री ने निवेशकों से राज्य में आने और उद्योगों को स्थापित करने की अपील की।