विष्णु भैया के नेतृत्व में चमकेगा छत्तीसगढ़, GYAN मॉडल से सजेगा विकसित राज्य का सपना

रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के निर्माण के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। राज्य के विकास की इस नई यात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अलग राज्य बनने के बाद लंबे समय तक विकास की गति कई क्षेत्रों में धीमी रही और दूरस्थ अंचलों में शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा था। लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।  शराब और बिना नंबर की स्कूटी के साथ दो गिरफ्तार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोजगार के नए अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और नए स्टार्टअप से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों को विकसित करने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।  राष्ट्रीय पहचान: मुख्यमंत्री साय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नारी शक्ति को केंद्र में रखते हुए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, उन्हें छोटे उद्योगों और उद्यमिता से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इससे महिलाएं न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार गुणवत्ता सुधार और बेहतर सुविधाओं पर विशेष जोर दे रही है। उच्च शिक्षा से लेकर स्कूल स्तर तक विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा मिशन के तहत लगातार काम किया जा रहा है। प्रदेश की शिक्षा नीति को मजबूत बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग संस्थानों की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। , रायपुर के कैफे का मामला छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ सरकार ने विकास की एक नई सोच को सामने रखा है। इस विजन का आधार है GYAN, यानी G- गरीब, Y- युवा, A- अन्नदाता और N- नारी। इस चार स्तरीय विकास मॉडल के जरिए राज्य के हर वर्ग को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। विष्णु भैया के नेतृत्व में विकसित राज्य@2047 की परिकल्पना केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का संकल्प शामिल है। सरकार का मानना है कि जब गरीब मजबूत होंगे, युवा सक्षम होंगे, किसान समृद्ध होंगे और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी छत्तीसगढ़ विकास के नए शिखर को छू सकेगा। अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच विकसित राज्य की पहली प्राथमिकता गरीबों को सशक्त बनाना है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवास, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। Y- युवा: ज्ञान और कौशल से नए अवसरों की उड़ान विकसित राज्य@2047 में युवाओं को सबसे बड़ी ताकत माना गया है। बदलते दौर में युवाओं को शिक्षा के साथ आधुनिक कौशल, तकनीक और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।GYAN मॉडल में युवा वर्ग को केंद्र में रखते हुए उच्च शिक्षा, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक और रोजगार आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने का विजन रखा गया है। छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें, इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। नई तकनीकों के साथ युवाओं को जोड़कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का लक्ष्य है। A- अन्नदाता: किसानों की समृद्धि से मजबूत होगा राज्य छत्तीसगढ़ की पहचान कृषि प्रधान राज्य के रूप में रही है। विकसित राज्य@2047 के लक्ष्य में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना अहम हिस्सा है। अन्नदाताओं की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें मूल्य संवर्धन और बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। समृद्ध किसान ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव रखेंगे। N- नारी: महिला शक्ति बनेगी विकास की भागीदार विकसित राज्य की कल्पना महिलाओं की भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। GYAN मॉडल में नारी को विकास की केंद्र शक्ति माना गया है। महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों, उद्यमिता और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे। ज्ञान से सशक्त होगा युवा, उच्च शिक्षा में शुरू हुआ बदलाव का दौर राज्य सरकार उच्च शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार और नवाचार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत उच्च शिक्षा विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। प्रदेश में उच्च शिक्षा मिशन योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका असर सकल नामांकन अनुपात (GER) में भी दिखाई दे रहा है। जहां वर्ष 2021-22 में प्रदेश का GER 19.6 प्रतिशत था, वहीं लगातार प्रयासों के बाद यह बढ़कर 27.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप वर्ष 2035 तक GER को 50 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। हर जिले में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में आधुनिक शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना के माध्यम से शोध संस्कृति को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा को भारतीय मूल्यों से जोड़ने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। NAAC मूल्यांकन से सुधरेगी शिक्षा की गुणवत्ता प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए NAAC मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के 343 शासकीय महाविद्यालयों में से 254 महाविद्यालय NAAC मूल्यांकन के लिए पात्र हैं, जिनमें से 200 महाविद्यालयों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। इसी तरह प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों में से 5 विश्वविद्यालयों का NAAC मूल्यांकन पूरा किया जा चुका है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर संस्थान चुनने का अवसर मिलेगा। शिक्षा का विस्तार, बढ़ रहे नए अवसर युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में 8 नए शासकीय महाविद्यालय, 5 नए निजी महाविद्यालय और 3 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। इसके अलावा शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्राध्यापकों के 595 पदों और सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ाधिकारी के 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। ज्ञान की रोशनी से विकसित राज्य की ओर कदम GYAN केवल एक शब्द नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य का रोडमैप है। गरीबों के कल्याण, युवाओं की ऊर्जा, किसानों की मेहनत और महिलाओं की शक्ति को एक साथ जोड़कर विकसित राज्य@2047 का सपना साकार करने का लक्ष्य रखा गया है। विष्णु भैया के नेतृत्व में यह सोच है कि विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाए।

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