जप्ती के कागजात देने के बदले मांगी रिश्वत, एसीबी ने महिला प्रधान आरक्षक को ऐसे दबोचा कि मच गया हड़कंप

 छत्तीसगढ़ : बस्तर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक महिला प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधान आरक्षक पर वाहन के जप्ती संबंधी दस्तावेज और सुपुर्दनामा देने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

शिकायत के बाद बिछाया गया जाल

जानकारी के अनुसार, कोड़ेनार निवासी बंगालू यादव ने एसीबी जगदलपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके नाम पर खरीदा गया आयशर ट्रैक्टर खेती के काम के लिए इस्तेमाल होता था। वर्ष 2025 में ट्रैक्टर घरेलू कार्य के लिए एक परिचित को दिया गया था। इसी दौरान ट्रॉली से गिरने की घटना में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद मामला थाना कोड़ेनार में दर्ज हुआ।

जप्ती के कागजात देने के लिए मांगे 10 हजार रुपये

मामले की जांच कोड़ेनार थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू कर रही थीं। आरोप है कि उन्होंने ट्रैक्टर के जप्ती दस्तावेज उपलब्ध कराने और वाहन को सुपुर्दनामा पर छोड़ने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।पीड़ित रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने पूरी घटना की जानकारी एसीबी को दी और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने की इच्छा जताई।

रंगे हाथ रिश्वत लेते ही दबोच लिया

शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही महिला प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू ने पीड़ित से 10 हजार रुपये लिए, एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

एसीबी ने आरोपी महिला प्रधान आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।यह कार्रवाई एक बार फिर साफ करती है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी लगातार सख्त अभियान चला रही है।

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