रायपुर : मंदिर हसौद क्षेत्र में 22 मई से लापता भुवनेश्वर यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पानी के विवाद और गाली-गलौज के बाद युवक की हत्या कर उसके शव को महानदी किनारे रेत में दफना दिया गया था।
गुमशुदगी से हत्या तक पहुंची जांच
भुवनेश्वर यादव नकटी गांव का रहने वाला था और मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। 22 मई को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शुरुआत में मामला सामान्य गुमशुदगी का लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को मिले तकनीकी साक्ष्यों ने कहानी पूरी तरह बदल दी।
शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार घटना के दिन मंदिर हसौद इलाके में शराब भट्ठी के पीछे भुवनेश्वर और कुछ लोगों के बीच पानी को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान वह निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे और अन्य लोगों के साथ शराब पी रहा था।विवाद बढ़ने पर गाली-गलौज और मारपीट हुई, जिसके बाद आरोप है कि भुवनेश्वर को कार में बैठाकर महासमुंद जिले के महानदी किनारे ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
शव को रेत में दफनाकर छिपाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को रेत में दफनाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि घटना की शाम मृतक ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और उसी दौरान उसकी आखिरी बातचीत दर्ज हुई थी।बाद में उसका मोबाइल और अन्य सामान भी बरामद किया गया।
चार लोग हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने मामले में निर्दलीय पार्षद गोलू रात्रे समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की है।
शव बरामद, जांच महासमुंद पुलिस को सौंपी गई
आरोपियों की निशानदेही पर नांदगांव घाट से भुवनेश्वर का शव बरामद किया गया है। चूंकि घटना स्थल दूसरे जिले का है, इसलिए आगे की जांच महासमुंद पुलिस को सौंप दी गई है।फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।



















