बिलासपुर : मां की हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत सक्तीबहरा गांव का है, जहां चरित्र शंका को लेकर बेटे ने अपनी ही मां पर हमला कर दिया था।
घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक रूप
जानकारी के मुताबिक 13 नवंबर 2023 की रात आरोपी शनि कोल ने अपनी मां सुमन बाई पर हमला कर दिया। आरोप है कि वह अपनी मां के चरित्र को लेकर शक करता था। इसी विवाद के बीच उसने लकड़ी के डंडे और कपड़ा धोने वाले बैट से हमला किया। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे सुभाष कोल पर भी आरोपी ने गंभीर वार किए।घटना के अगले दिन 14 नवंबर को दिनेश कोल ने बेलगहना चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटनास्थल से जब्त किए गए हथियार
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लकड़ी का कपड़ा धोने वाला बैट और चार हिस्सों में टूटा लकड़ी का डंडा बरामद किया। आरोपी शनि कोल को पुलिस ने 14 नवंबर 2023 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।उधर गंभीर रूप से घायल सुमन बाई को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अदालत ने सुनाई कठोर सजा
मामले की सुनवाई एकादश अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र सोनवानी की अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी शनि कोल को दोषी करार देते हुए हत्या के प्रयास के मामले में 10 साल का सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।वहीं हत्या के अपराध में आरोपी को आजीवन कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक विजेंद्र तिवारी ने पैरवी की।



















