रायपुर। प्राचार्य पद पर पदोन्नति मिलने के बाद भी समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय में अटैचमेंट के आधार पर कार्यरत रहे अजय कुमार देशपांडे को आखिरकार उनके मूल विद्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। राज्य परियोजना कार्यालय ने 25 जून 2026 को आदेश जारी करते हुए उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोरातराई (अ), जिला धमतरी में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
लगातार उठते रहे थे सवाल
यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब पदोन्नति के बाद अजय कुमार देशपांडे को जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी ने कुछ ही घंटों के भीतर समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया था। इसके बाद वह अटैचमेंट के आधार पर वहीं सेवाएं देते रहे और अपने मूल विद्यालय में उन्होंने एक दिन भी कार्यभार नहीं संभाला।
इसी दौरान बोर्ड परीक्षाओं के समय भी संबंधित विद्यालय नियमित प्राचार्य से वंचित रहा, जिसे लेकर लगातार सवाल उठाए गए। मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने भी उन्हें मूल संस्था में भेजने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय को पत्र लिखा था, लेकिन लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
अब जारी हुआ कार्यमुक्ति आदेश
आखिरकार राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ ने 25 जून 2026 को आदेश जारी कर अजय कुमार देशपांडे को उनके मूल विद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जोरातराई (अ), जिला धमतरी के लिए कार्यमुक्त कर दिया है।
आदेश में बताई गई यह वजह
जारी आदेश के अनुसार अजय कुमार देशपांडे ने सेवानिवृत्ति निकट होने के कारण अपनी मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी ने भी उन्हें मूल विद्यालय भेजने का प्रस्ताव राज्य परियोजना कार्यालय को भेजा था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उन्हें 25 जून 2026 की अपराह्न से मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया।
अन्य अटैच कर्मचारियों पर भी टिक गई नजर
इस कार्रवाई के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय और लोक शिक्षण संचालनालय संभाग तथा जिला स्तर पर वर्षों से अटैचमेंट के आधार पर कार्यरत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भी समीक्षा करेगा। माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो सकती है।



















