रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को सुशासन तिहार के तहत सक्ती और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान सक्ती में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में एक महिला ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा बयां करते हुए पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। महिला ने आरोप लगाया कि छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंचने के बावजूद उसे घंटों तक न्याय नहीं मिला।
रातभर थाने में बैठी रही, नहीं सुनी गई फरियाद
सिरली गांव की रहने वाली महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि 5 जून की रात वह अपने साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी। पीड़िता के अनुसार वह पूरी रात न्याय की उम्मीद में थाने में बैठी रही, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने कहा कि रात करीब 3 बजे तक वह अपनी बात सुनाने और कार्रवाई की मांग करती रही, लेकिन उसकी फरियाद पर ध्यान नहीं दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री ने जांच का दिया भरोसा
महिला की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत की वास्तविक स्थिति की पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जीपीएम जिले में आम के पेड़ के नीचे लगाई जनचौपाल
सक्ती के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत निमधा पहुंचे। यहां उन्होंने आम के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
निमधा को मिली विकास कार्यों की सौगात
जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने निमधा में नर्सिंग कॉलेज खोलने, मिनी स्टेडियम निर्माण और सर्व समाज के लिए मंगल भवन बनाने की घोषणा की।
राजस्व निरीक्षक के कार्यों की होगी जांच
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने मरवाही क्षेत्र के एक राजस्व निरीक्षक के कार्यों की जांच कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़ी शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
सुशासन तिहार में सीधे जनता से संवाद पर जोर
मुख्यमंत्री का कहना है कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। इसी क्रम में प्रदेशभर में जनचौपाल और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रख रहे हैं।



















