छत्तीसगढ़ में आज बरस सकते हैं बादल, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी

रायपुर। अक्टूबर का आधा महीना गुजरने के बाद भी राजधानी रायपुर में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। दिन के साथ रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। इस बीच शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, यहां एक-दो स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

रायपुर में रात का पारा भी सामान्य से ऊपर

राजधानी में गुरुवार को अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य स्तर से 2.3 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया।शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिन में धूप निकल सकती है, जबकि दोपहर बाद या शाम को आसमान में आंशिक बादल छाने के आसार हैं।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ तेज हवाओं का अनुमान

मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। हालांकि, बारिश का प्रभाव सीमित क्षेत्रों तक रहने का अनुमान है।मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है। ऐसे में बारिश के बावजूद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट के आसार कम हैं।

पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान दर्ज

प्रदेश में पेंड्रा रोड का न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अंबिकापुर में यह 18.8 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान की बात करें तो जगदलपुर में 32.9 डिग्री, माना एयरपोर्ट और बिलासपुर में 32 डिग्री तथा दुर्ग में 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मानसून की वापसी के बाद भी बारिश की संभावना

दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को पूरे देश से विदा हो चुका है। इसके बावजूद मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल दक्षिणी तटीय तमिलनाडु से ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका सक्रिय है।गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *