सरगुजा : एक सरकारी अधिकारी के H1N1 संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। संक्रमित अधिकारी का इलाज रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उनके परिवार के अन्य सदस्यों में फिलहाल संक्रमण या इसके लक्षण नहीं मिले हैं।
कांकेर यात्रा के बाद बिगड़ी तबीयत
सरगुजा सेंट्रल जेल से जुड़े अधिकारी परिवार के साथ कांकेर गए थे। इस दौरान उन्हें बुखार, सर्दी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई। जांच के बाद H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें रायपुर में भर्ती कराया गया।अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण सरगुजा में रहते हुए हुआ या रायपुर अथवा कांकेर प्रवास के दौरान, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार की कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग पूरी
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के मुताबिक, संक्रमित अधिकारी के परिवार के सदस्यों की कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग की जा चुकी है। फिलहाल सभी स्वस्थ हैं और किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। जिले में इस मामले के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के H1N1 पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
स्वास्थ्य अमला एहतियात के तौर पर अलर्ट मोड पर है। गंभीर मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था रखी गई है। अंबिकापुर की वायरोलॉजी लैब में फिलहाल H1N1 जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, इसलिए संदिग्ध मामलों के सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे जाएंगे।मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी विभाग ने CGMSC को सूचना दी है और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह
सीएमएचओ डॉ. पीएस मार्को ने लोगों से लगातार बुखार, लंबे समय तक सर्दी-जुकाम या सीने में जकड़न जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच कराने की अपील की है। समय पर पहचान होने पर H1N1 का उपचार संभव है।बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, हाथों की नियमित सफाई रखना, लक्षण होने पर भीड़ से दूरी बनाना और जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करना उपयोगी है। पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन भी जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक नहीं लेना चाहिए।



















