जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और संदिग्ध लोगों की पहचान को लेकर पुलिस ने निगरानी व्यवस्था और मजबूत कर दी है। खासतौर पर बांग्लादेश से अवैध तरीके से आने वाले लोगों की सूचनाओं के बीच जगदलपुर पुलिस ने आम नागरिकों और मकान मालिकों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब किराए पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन कराना जरूरी होगा। यदि कोई मकान मालिक बिना सत्यापन के किराएदार रखता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
समाधान ऐप पर दर्ज करनी होगी किराएदार की पूरी जानकारी
पुलिस मुख्यालय ने किराएदारों की जानकारी जुटाने और सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए समाधान ऐप की व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत मकान मालिकों को अपने यहां रहने वाले किराएदारों की पहचान संबंधी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज ऐप पर अपलोड करने होंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार केवल किरायानामा बनाना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। किराएदार का पुलिस सत्यापन कराना और उसकी पूरी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज करना भी जरूरी है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करना और किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोकना है।
बाहरी लोगों की जांच के लिए चल रहा विशेष अभियान
राज्य में बाहरी व्यक्तियों और संदिग्ध किराएदारों की पहचान के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले किराएदारों और मुसाफिरों की जांच की जा रही है, ताकि अवैध रूप से रह रहे लोगों का पता लगाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए मकान मालिकों का सहयोग बेहद जरूरी है। प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं या आसपास कोई ऐसा व्यक्ति रह रहा है जिसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए।
पुलिस के अनुसार जनता की जागरूकता और मकान मालिकों की जिम्मेदारी से अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान आसान होगी और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।



















