रायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक प्राचार्य के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अटैचमेंट समाप्त होने के बाद भी मूल पदस्थापना वाले विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने उनके वेतन पर रोक लगाने की सिफारिश करते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है।
डीईओ ने बताया अनुशासनहीनता का मामला
डीईओ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय, सारंगढ़ के प्राचार्य के माध्यम से प्राप्त पत्र और विभागीय आदेश के अनुसार एल.पी. पटेल की शासकीय हाई स्कूल दानसरा में की गई संलग्नता को समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद 22 जून 2026 को उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया।इसके बावजूद संबंधित प्राचार्य ने नई पदस्थापना वाले विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। विभाग ने इसे कदाचार, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में माना है।
वेतन रोकने की प्रक्रिया शुरू
डीईओ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रचलित नियमों के तहत एल.पी. पटेल के वेतन आहरण पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में आवश्यक प्रतिवेदन पहले ही उच्च कार्यालय को भेजा जा चुका है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
इन अधिकारियों को भेजी गई जानकारी
कार्रवाई से संबंधित पत्र की प्रतिलिपि निम्न अधिकारियों को भी भेजी गई है।
- संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय
- संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर
- कोषालय अधिकारी, बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
विभाग ने दिए सख्ती के संकेत
इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग की अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



















