Durg Cyber Crime: साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, 10 आरोपी गिरफ्तार, 106 संदिग्ध खातों की जांच

दुर्ग। साइबर ठगी के मामलों पर शिकंजा कसते हुए दुर्ग पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सिटी कोतवाली और छावनी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराकर अवैध लेनदेन में मदद करते थे और इसके बदले कमीशन हासिल करते थे।

गृह मंत्रालय के इनपुट पर हुई कार्रवाई

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई। सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के 106 संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल की, जिसके बाद आठ खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए हैं।

छावनी पुलिस ने भी दबोचे दो आरोपी

इधर, छावनी थाना पुलिस ने इसी नेटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपियों प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार को गिरफ्तार किया। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

ठगी की रकम ट्रांसफर करने में होता था खातों का इस्तेमाल

जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। इसके बदले खाताधारकों को आर्थिक लाभ दिया जाता था।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें मोदित कुमार जैन, करण टंडन, अवध किशोर, संकेत कुमार दास, रविंद्र कौशिक, शहबाज आलम, ए. सागर, प्रीति कौर, प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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