असम विमान हादसे से देश शोकाकुल! वायुसेना के 5 जवानों के बलिदान पर सीएम साय ने जताया गहरा दुख

रायपुर। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। नियमित उड़ान के दौरान लैंडिंग के समय हुए इस हादसे में भारतीय वायुसेना के पांच जवानों का निधन हो गया, जबकि विमान के सह-पायलट घायल हो गए हैं। उनका इलाज जारी है।

देश की रक्षा करते हुए वीर जवानों ने दिया सर्वोच्च बलिदान

इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना के पांच वीर जवानों के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक और हृदय विदारक है। राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के लिए समर्पित इन जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

सीएम साय बोले- आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी उनकी देशभक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रभक्ति देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें।

हादसे में शहीद हुए इन पांच वीरों को देश कर रहा नमन

दुर्घटना में जान गंवाने वाले जवानों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। भारतीय वायुसेना ने इन सभी को कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धा बताया है।

पूरे देश में शोक, श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता

इस दुखद घटना के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा भी दिया है।

राष्ट्र हमेशा याद रखेगा इन वीर सपूतों का बलिदान

देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन पांचों जवानों का बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास में सम्मान के साथ याद किया जाएगा। उनका साहस, समर्पण और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमिट उदाहरण बनी रहेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *