मुरैना : नेशनल हाईवे-44 पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वन चौकी के सामने तेज गति से दौड़ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और वन विभाग द्वारा लगाए गए बड़े पत्थरों से टकराने के बाद डिवाइडर पर चढ़ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि हाईवे पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
रेत माफिया पर नजर रखने के लिए रखे गए थे पत्थर
जानकारी के मुताबिक वन विभाग ने रेत के अवैध परिवहन और माफिया गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से वन चौकी के सामने बड़े-बड़े पत्थर रखे हुए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधे पत्थरों से जा टकराया।
जोरदार टक्कर के बाद फटा डीजल टैंक, सड़क पर बहने लगा ईंधन
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया और उसका डीजल टैंक क्षतिग्रस्त होकर फट गया। इसके बाद बड़ी मात्रा में डीजल सड़क पर फैल गया। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग बाल्टियां लेकर बह रहे डीजल को इकट्ठा करते भी नजर आए।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, घंटों प्रभावित रहा यातायात
दुर्घटना के कारण नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर ट्रक के फंसे रहने और डीजल फैल जाने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई घंटों तक वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ फीट और आगे बढ़ता ट्रक तो हो सकता था बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि ट्रक कुछ मीटर और आगे बढ़ जाता तो वन चौकी को भारी नुकसान पहुंच सकता था। इतना ही नहीं, चौकी पर मौजूद वनरक्षक भी इसकी चपेट में आ सकते थे। सौभाग्य से हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा नुकसान टल गया।
पुलिस और अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, बहाल हुआ यातायात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रक को हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने की कार्रवाई के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाईवे सुरक्षा पर फिर उठी चिंता
लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच यह हादसा संकेत देता है कि भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता है। समय रहते नियंत्रण नहीं होने पर यह घटना बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।



















