पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर देशभर के वाहन चालकों की नजरें लगातार बनी हुई हैं। 5 जून 2026 को जारी ताजा दरों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, लेकिन पहले हुई बढ़ोतरी का असर अब भी आम लोगों के बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां ईंधन बाजार को प्रभावित कर रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमतें स्थिर नजर आ रही हैं, लेकिन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा के आधार पर बदलाव संभव है। ऐसे में उपभोक्ता भी ईंधन दरों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दिल्ली से हैदराबाद तक पेट्रोल के ताजा रेट
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। इसके पीछे स्थानीय कर और परिवहन लागत प्रमुख वजह मानी जाती है।
- दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है।
- कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- मुंबई में पेट्रोल का भाव 112.21 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
- चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 108.01 रुपये प्रति लीटर है।
- हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
- बेंगलुरु में पेट्रोल का रेट 110.89 रुपये प्रति लीटर है।
डीजल के दाम भी बने हुए हैं ऊंचे स्तर पर
डीजल की कीमतों में भी कोई बड़ी राहत देखने को नहीं मिली है। विभिन्न महानगरों में डीजल के ताजा रेट इस प्रकार हैं।
- दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है।
- कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
- मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- चेन्नई में डीजल का भाव 99.66 रुपये प्रति लीटर है।
- हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
- बेंगलुरु में डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर है।
आखिर क्यों बदलती रहती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
पेट्रोल और डीजल के दाम कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें हैं, क्योंकि पेट्रोलियम उत्पादों का निर्माण इसी कच्चे तेल से किया जाता है।इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित करती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर ईंधन लागत पर पड़ता है।केंद्रीय उत्पाद शुल्क, राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट और अन्य स्थानीय कर भी अंतिम खुदरा कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में ईंधन के दाम अलग दिखाई देते हैं।
क्या हर दिन बदलती हैं पेट्रोल और डीजल की कीमतें?
भारत में लागू डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत तेल विपणन कंपनियां रोजाना कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसके अंतर्गत पेट्रोल और डीजल के रेट में प्रतिदिन संशोधन किया जा सकता है।हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर दिन कीमतों में बदलाव हो। कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद कंपनियां लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखती हैं। बाजार की परिस्थितियों, कच्चे तेल के भाव और विनिमय दरों के आधार पर ही अंतिम फैसला लिया जाता है।
आने वाले दिनों में क्या मिल सकती है राहत?
ऊर्जा बाजार के जानकारों के अनुसार यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और आपूर्ति की स्थिति बेहतर होती है, तो पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत की संभावना बन सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को बाजार की अगली चाल का इंतजार है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ईंधन कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



















