छत्तीसगढ़ के दो IPS अफसरों को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, IG स्तर के लिए हुए इंपैनल

 छत्तीसगढ़ :  कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी के लिए चुना है। 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी नीथू कमल और डी. श्रवण को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में इंस्पेक्टर जनरल यानी IG स्तर के पदों के लिए इंपैनल किया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची में दोनों अधिकारियों का नाम शामिल होने के बाद पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल है।

देशभर के 67 IPS अधिकारियों की सूची में मिली जगह

केंद्र सरकार द्वारा जारी सूची में 2001 से 2008 बैच तक के कुल 67 आईपीएस अधिकारियों को IG और DIG स्तर के पदों के लिए चुना गया है। इनमें छत्तीसगढ़ कैडर के दो अधिकारियों का चयन राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

प्रशासनिक हलकों में इसे छत्तीसगढ़ कैडर की मजबूत कार्यशैली और अधिकारियों की दक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने केंद्रीय एजेंसियों में अपनी कार्यकुशलता से खास पहचान बनाई है।

CBI में अहम भूमिका निभा रहीं नीथू कमल

आईपीएस नीथू कमल फिलहाल CBI में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रही हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई है। उनकी प्रशासनिक क्षमता और जांच अनुभव के कारण उन्हें केंद्रीय एजेंसियों में भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है।

IG स्तर के लिए इंपैनल होने के बाद आने वाले समय में उन्हें और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती है।

NIA में डी. श्रवण का मजबूत अनुभव

वहीं आईपीएस डी. श्रवण वर्तमान में NIA में पदस्थ हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील मामलों की जांच में उनकी भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। सुरक्षा मामलों की समझ और फील्ड अनुभव को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।

केंद्रीय एजेंसियों में उनके कामकाज और अनुभव को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने उन्हें इस अहम सूची में शामिल किया है।

क्यों खास माना जाता है IG इंपैनलमेंट

IG स्तर पर इंपैनल होना केवल पदोन्नति नहीं माना जाता, बल्कि यह केंद्र सरकार के भरोसे का प्रतीक भी होता है। जिन अधिकारियों का नाम इस सूची में शामिल होता है, उन्हें भविष्य में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और महत्वपूर्ण संस्थानों में बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छत्तीसगढ़ कैडर की राष्ट्रीय स्तर पर साख और मजबूत होगी। साथ ही राज्य के अन्य अधिकारियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का अनुभव बना बड़ी ताकत

केंद्र सरकार इस समय सुरक्षा एजेंसियों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में नक्सल प्रभावित राज्यों में काम कर चुके अनुभवी अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियों में लाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ जैसे संवेदनशील राज्य में सेवा दे चुके अधिकारियों का अनुभव राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी अहम माना जाता है। यही वजह है कि अब नीथू कमल और डी. श्रवण को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार माना जा रहा है।

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